दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में एक मात्र नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली सीट रिजर्व है. अभी तक इस सीट पर बीजेपी ने अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है, जबकि गुग्गन सिंह आम आदमी पार्टी से मैदान में हैं. वहीं, कांग्रेस ने राजेश लिलौठिया का नाम फाइनल कर दिया है. राजेश लिलौठिया कांग्रेस के कद्दावर दलित चेहरा हैं. वह 2004 और 2009 में पटेल नगर से विधायक रह चुके हैं. Sustainable Urban Development में पीएचडी राजेश लिलौठिया को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है.

राजेश लिलौठिया ने कहा कि इस सीट के वर्तमान बीजेपी सांसद उदित राज अभी तक गायब थे. अब चुनाव नजदीक आया है तो वह अपनी पार्टी के ही खिलाफ चले गए हैं. दरअसल, इस सीट पर बीजेपी को कैंडिडेट ही नहीं मिल रहा है. बीते 5 साल में यहां विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ है. शायद यही सोचकर बीजेपी अभी तक अपने प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं कर पाई है. राजेश लिलौठिया ने कहा कि जुमलों से जनता को बार-बार बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है. यह बीजेपी को समझ में आ गया है.  

बीजेपी और AAP ने दलितों और पिछड़े की सिर्फ अनदेखी की है
आम आदमी पार्टी से क्या नुकसान होगा? के सवाल पर राजेश लिलौटिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी फाइट में ही नहीं है. बीजेपी और AAP के विकास कार्य को देखकर जनता समझ गई है कि कौन कितने पानी में है. दिल्ली में कांग्रेस का काम दिखता है क्योंकि कांग्रेस ने यहां काम किया है. दलित वोट बैंक के सवाल पर राजेश ने कहा कि दलित और पिछड़ा वर्ग हमेशा कांग्रेस के साथ रहा है. कांग्रेस की ताकत भी यही दोनों वर्ग हैं. बीजेपी और AAP ने दलितों और पिछड़ों की सिर्फ अनदेखी की है.  

दो बार रह चुके हैं विधायक
राजेश लिलौठिया 2001 से 2006 तक एनएसयूआई (दिल्ली) प्रेसिडेंट रहे हैं. 2004 और 2009 में वह पटेल नगर सीट से कांग्रेस के विधायक चुने गए थे. फिलहाल वह दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हैं. साथ ही नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली से कांग्रेस के कैंडिडेट हैं. इससे पहले राजेश ने पंजाब विधानसभा चुनाव में दलित वोट बैंक को लेकर अच्छा काम किया था. इसके अलावा उत्तरी बिहार में कांग्रेस सचिव की भूमिका में दलितों के बीच पार्टी को मजबूत करने जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.

बेटी है फ्लाइंग ऑफिसर
राजेश लिलौठिया ने हंसराज कॉलेज दिल्ली से इंग्लिश आनर्स के बाद मास्टर्स किया था. वह Sustainable Urban Development से पीएचडी कर चुके हैं. राजेश की पत्नी एयर होस्टेस हैं और उनकी बेटी फ्लाइंग ऑफिसर है, जबकि बेटा 12वीं में है.

2008 में अस्तित्व में आई थी सीट
बता दें कि उत्तर पश्चिम दिल्ली सीट 2008 में अस्तित्व में आई थी, यह निर्वाचन क्षेत्र अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है. यह संसदीय क्षेत्र दिल्ली के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में से एक है. इस संसदीय सीट के तहत 10 विधानसभाएं हैं. जिनमें नरेला, बादली, रिठाला, बवाना, मुंडका, किरारी, सुल्तानपुर माजरा, नांगलोई जाट, रोहिणी और मंगोलपुरी आते हैं. 2014 के चुनाव में बीजेपी के उदित राज ने आम आदमी पार्टी की राखी बिरला को शिकस्त दी थी. इस चुनाव में उदित राज को 629860 वोट और राखी बिरला को 523058 वोट मिले थे. इस तरह राखी 106802 वोटों से ये चुनाव हार गई थीं. वहीं 2009 में क्षेत्र से सांसद कृष्णा तीरथ 157468 वोटों के साथ तीसरे पायदान पर रही थीं.