नई दिल्लीः लोकसभा चुनाव में भोपाल सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर को बड़ी राहत मिली है. एनआईए की कोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर के चुनाव लड़ने पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है. साध्वी प्रज्ञा मामले पर सुनवाई के दौरान एनआईए कोर्ट ने कहा कि कौन चुनाव लड़ेगा, कौन नहीं?  यह चुनाव आयोग का मामला है.

एनआईए कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई थी. जिसमें याचिकाकर्ता ने मांग की थी कि मालेगांव बम ब्लास्ट मामले में प्रज्ञा ठाकुर मुख्य आरोपी है. उनपर लगे आरोप गंभीर है ऐसे में उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगाई जाए.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ''कोर्ट के पास कानूनी अधिकार नहीं है कि जो यह कह सके कि किसे चुनाव लड़ना है और किसे नहीं. यह चुनाव आयोग का मामला है. आयोग तय करेगा कि कौन चुनाव लड़ेगा कौन नहीं.''

बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर मालेगांव बम धमाके में प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ पुलिस को कथित तौर पर सबूत मिले थे. उनकी गाड़ी धमाके वाले जगह से बरामद हुई थी. गाड़ी मिलने के बाद प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ धमाके में साजिश के आरोप लगे थे.

बीजेपी ने प्रज्ञा ठाकुर को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के खिलाफ भोपाल सीट से चुनावी रण में उतारा है. जिसके बाद से प्रज्ञा ठाकुर और बीजेपी पर सवाल उठने लगे हैं.

बीजेपी में शामिल होने के बाद प्रज्ञा ठाकुर कई बार बिवादित बयान दे चुके हैं. हाल ही में उन्होंने कहा था कि मेरे श्राप के कारण ही शहीद हेमंत करकरे की मौत हुई थी. हेमंत करकरे एक जांबाज अधिकारी थे. 26/11 हमले के दौरान आतंकियों की गोली से वह शहीद हो गए थे.

गौरतलब है कि प्रज्ञा ठाकुर को बीजेपी ने भोपाल सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है. वहां से कांग्रेस की ओर से दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह चुनावी मैदान में हैं. भोपाल सीट पर 12 मई को मतदान होंगे. वोटों की गिनती 23 मई को होगी.