क्या आप भी कील-मुंहासे, डैंडर्फ और त्वचा के सूखेपन जैसी समस्याओं से परेशान है? अगर हां तो टी-ट्री ऑयल इन्हें दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। सिर्फ ब्यूटी ही नहीं, टी-ट्री ऑयल का सही इस्तेमाल हेल्थ से जुड़ी कई परेशानियों का भी रामबाण इलाज है। इसमें मौजूद एंटी बैक्टीरियल, एंटी माइक्रोबियल, एंटीसेप्टिक व एंटीवायरल गुण यूरिन इंफैक्शन दूर करने के साथ स्किन प्रॉब्ल्म्स को दूर रखने में मदद करते हैं। चलिए आपको बताते हैं टी-ट्री ऑयल के फायदे और इस्तेमाल करने का तरीका।

टी ट्री ऑयल के फायदे
यूरिन इंफैक्शन को करे दूर
यूरिन इंफैक्शन (ब्लैडर इंफेक्शन) मूत्राशय में बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण होता है। कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को यह समस्या ज्यादा होती है। इंफैक्शन दूर करने के लिए टी ट्री ऑयल की 10 बूंदें नहाने के पानी में मिक्स करें। इससे प्राइवेट पार्ट की अच्छी तरह सफाई करें। इससे इंफैक्शन कुछ दिनों में ही दूर हो जाएगा।

ओरल हेल्थ
मुंह में फंगल इंफेक्शन, मसूड़ों से खून आना या दांत दर्द को दूर करने के लिए भी टी ट्री ऑयल बेहद फायदेमंद है। इसके लिए इस तेल से दिन में 2 बार दांतों की सफाई करें। इससे आप खुद फर्क महसूस करेंगे।

कान में इंफैक्शन
अगर कान में इंफैक्शन हो गया है तो इस तेल की 2 बूंदें डालें। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेशन गुण इंफैक्शन को दूर करने का काम करते हैं।

साइनस
साइनस में जुकाम, सांस लेने में तकलीफ या चेहरे की मांसपेशियों में दर्द होने लगता है। ऐसे में इसे दूर करने के लिए टी ट्री ऑयल की कुछ 2-3 बूंदे डिफ्यूजर में डाले और गंध को सूंघें। इससे नाक खुल जाएगी और आपको साइनस से आराम मिलेगा।

आंखों की फुंसी
आंखों की फुंसी यानि गुहेरी को दूर करने के लिए भी आप इस तेल का यूज कर सकते हैं। इसके लिए 2 चम्मच पानी में 1 चम्मच टी ट्री तेल मिलाकर थोड़ी देर रेफ्रिजरेटर में रखें। फिर कॉटन की मदद से प्रभावित जगह पर लगाएं। इसमें मौजूद बैक्टीरियल गुण इस समस्या को दूर करने में मदद करेंगे।

दाद
दाद एक फंगल इंफेक्शन है, जिसमें खुजली, जलन और त्वचा पर लाल चकत्ते हो जाते हैं। इनसे निजात पाने के लिए टी ट्री तेल की 2-3 बूंदें लें और समान मात्रा में कैरियर ऑयल के साथ मिलाएं। अब कॉटर की मदद से इस दाद पर लगाकर कुछ समय बाद साफ कर लें। दिनभर में 2-3 बार इसका इस्तेमाल करें।

मुहांसे और दाग धब्बें
इसमें एंटीमाइक्रोबियल और एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो मुंहासों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को जड़ से खत्म करते हैं। इसके लिए आधे कप पानी में टी ट्री की 3-4 बूंदें मिलाकर कॉटन पैड की मदद से प्रभावित जगह पर लगाएं। 20 से 25 मिनट बाद इसे ताजे पानी से साफ करके चेहरे पर मॉइस्चराइजर लगाएं।

नेल फंगस
नेल फंगस में हाथ या पैरों के नाखूनों में सफेद या पीले रंग के धब्बें पड़ जाते हैं। जैसे-जैसे फंगल संक्रमण गहरा होता है, नाखून तिरछे, मोटे और किनारे से उखड़ने लगते हैं। ऐसे में इससे निजात पाने के लिए कॉटन पैड पर टी ट्री तेल की 3-4 बूंदे डाकर नाखूनों पर लगाएं। दिन में 2-3 बार ऐसा करने से फंगस जड़ से खत्म हो जाएगी।

एक्जिमा और सोरायसिस
एक्जिमा और सोरायसिस त्वचा संबंधी रोग हैं। इसमें त्वचा शुष्क हो जाती है, जिससे तेज खुलजी होती है। इसके दूर करने के लिए गुनगुने पानी से सोरासिस से प्रभावित त्वचा को साफ करें। फिर टी ट्री तेल की कुछ बूंदें प्रभावित जगह पर लगाकर हल्की मसाज करें। दिन में 2 बार इससे मसाज करें।

मस्सा रिमूव करने के लिए
अगर आप भी अनचाहे मस्से से परेशान है तो उसपर 1 बूंद टी ट्री तेल की डालें और पट्टी बांध लें। रात भर मस्से पर तेल लगा रहने दें और सुबह ठंडे पानी से धो लें। रोजाना ऐसा करने से मस्सा कुछ समय में ही झड़ जाएगा।

लंबे-घने बाल
लंबे और घने बालों के लिए आप टी ट्री तेल की दो बूंदों को कैरियर ऑयल में मिलाकर स्कैल्प की मसाज करें। आप चाहे तो इसमें जैतून का तेल मिलाकर भी लगा सकते हैं। इससे बाल ना सिर्फ लंबे बल्कि मजबूत भी होंगे।

रूसी और खुजली
कैरियर ऑयल में 2-3 बूंदें टी ट्री तेल की मिलाकर स्कैल्प की मसाज करें और 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इसके बाद माइल्ड शैंपू से बालों को धोएं। यह बालों को मॉइस्चराइज कर ड्राई स्कैल्प और खुजली की समस्या को दूर करता है।