नई दिल्ली : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भूषण पावर एंड स्टील के चेयरमैन संजय सिंघल और उनकी पत्नी आरती के खिलाफ 2,348 करोड़ रुपये की ऋण धोखाधड़ी के मामले में ‘लुकआउट सर्कुलर’ (एलओसी) जारी किया है. आरती कंपनी की वाइस चेयरमैन हैं. सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने बताया कि एलओसी को हाल में जारी किया गया ताकि आरोपियों को बिना अनुमति के बिना देश से बाहर जाने के रोका जा सके.

सरकारी एजेंसियां लुकआउट सर्कुलर किसी व्यक्ति पर निगाह रखने के लिए जारी करती हैं . यदि सिंघल और उनकी पत्नी देश से बाहर जाने का प्रयास करते हैं तो सभी हवाई अड्डों पर आव्रजन अधिकारियों तथा देशभर में बाहर जाने-आने के मार्ग पर तैनात अधिकारियों को इसकी सूचना सीबीआई को देनी होगी.

सीबीआई ने सिंघल और अन्य के खिलाफ 2,348 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के बाद छह अप्रैल को कंपनी से जुड़े 18 गंतव्यों पर छापेमारी की थी. सीबीआई ने कहा कि कंपनी ने 2007 से 2014 के दौरान 33 बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 47,204 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. कंपनी इस कर्ज के भुगतान में चूक कर चुकी है.

सीबीआई ने दिल्ली-एनसीआर, चंडीगढ़, कोलकाता, ओड़िशा में कंपनी के कार्यालय और आवासीय परिसरों, उसके निदेशकों और प्रवर्तकों तथा उनके सहयोगियों पर छापेमारी की थी. संजय सिंघल, आरती सिंघल के साथ कंपनी के निदेशकों रवि प्रकाश गोयल, राम नरेश यादव, हरदेव चंद वर्मा, रविंदर कुमार गुप्ता और रितेश कपूर नाम के अन्य व्यक्ति के अलावा कुछ अज्ञात सरकारी अधिकारियों के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज कर चुकी है.