यहां तो सिर्फ गूंगे और बहरे लोग बसते हैं, खुदा जाने यहां पर किस तरह का जलसा हुआ होगा। प्रज्ञा भारती ने नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताया था। उस आग को भाजपा के तीन और नेताओं ने भड़का दिया। अनिल सौमित्र ने महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता तक कह दिया। मोदी और शाह को इस आग को बुझाने आगे आना पड़ा। पता नहीं ये सब सियासत का हिस्सा है या कुछ और। बाकी खबर की पेशकश उम्दा रही। कल शाह की पीसी में मोदी भी आ बैठे। बाकी पत्रकारों के सवाल का जवाब नहीं दिया। पीएम की इस खामोश पीसी पे राहुल ने खूब तंज किए। भोपाल स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त फिसले तीन लोगों को यात्रियों और आरपीएफ सिपाही अंगद ठाकुर ने बचा लिया। सिमटते बड़े तालाब वाली खबर देवेंद्र शर्मा ने नायाब निकाली।