नई दिल्‍ली : भारतीय सेना की ओर से सोमवार को एक बार फिर कहा गया है कि सेना ने पहली सर्जिकल स्‍ट्राइक को सितंबर 2016 में ही अंजाम दिया था. सेना की ओर से दी गई इस जानकारी से कांग्रेस के दावे की पोल फिर खुल गई है. दरअसल कांग्रेस ने दावा किया था कि उसकी सरकार में भी सर्जिकल स्‍ट्राइक की गई थीं.

सोमवार को भारतीय सेना जीओसी-इन चीफ नॉर्दर्न कमांड लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने इस मामले  में कहा कि कुछ दिन पहले डीजीएमओ की ओर से एक आरटीआई के जवाब में कहा गया था कि पहली सर्जिकल स्‍ट्राइक को सेना ने सितंबर 2019 में पाकिस्‍तान के खिलाफ अंजाम दिया था. मैं इस मामले में राजनीतिक दलों की ओर से कही जा रही बातों पर बोलूंगा. उन्‍हें सरकार की ओर से जवाब दिया गया है. मैंने जो आपसे कहा वो तथ्‍यों के आधार पर है.

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने पाकिस्‍तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ठिकानों पर की गई एयरस्‍ट्राइक पर भी जानकारी दी. उन्‍होंने कहा कि आतं‍की ठिकानों पर भारतीय वायुसेना की यह कार्रवाई बड़ी उपलब्धि है. हमारे विमान दुश्‍मन देश में अंदर तक घुसे और आतंकियों के लॉन्‍च पैड को तबाह किया. इसके अगले दिन पाकिस्‍तान ने यहां विमान भेजे थे. लेकिन उन्‍हें मुंहतोड़ जवाब दिया गया था.

लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक करने वाली सेना की मिलिट्री ऑपरेशन्स टीम के प्रमुख यानी डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशन्स (DGMO) भी रहे हैं. सितंबर 2016 में हुए उरी आतंकवादी हमले का बदला लेने के लिए सेना ने पाकिस्तान में घुसकर उसकी कई चौकियों को तबाह कर दिया था. इस सर्जिकल स्ट्राइक की घोषणा उस समय के डीजीएमओ ले.जनरल रणबीर सिंह ने ही की थी.