लंदन: हाल ही में अफगानिस्तान क्रिकेट टीम ने तेजी से तरक्की की है. टी20 फॉर्मेंट में छाने के बाद टीम ने पिछले साल ही टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था. टेस्ट से पहले ही फिल सिमंस की टीम के कोच पर नियुक्ति से टीम में उत्साह भी बढ़ा था.  इसके बाद अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर टीम ने विश्वकप टूर्मामेंट में जगह बनाने में कामयाबी हासिल की थी. अब फिल सिमंस के आईसीसी विश्व कप से ठीक पहले एक बयान से साफ हुआ है कि अफगानिस्तान क्रिकेट में सब कुछ ठीक नहीं है.

कोच फिल सिमंस ने कहा कि जब अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने टीम के नेतृत्व में बदलाव किया तब उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी. सिमंस ने कहा कि बावजूद इसके उनकी कोशिश है कि इसका टीम की विश्व कप की तैयारियों पर असर नहीं पड़े. एसीबी ने अप्रैल के महीने में असगर स्टानिकजाई को हटा कर गुलबदीन नैब को वनडे कप्तान बनाया था. वहीं टी-20 और टेस्ट के लिए भी अलग-अलग कप्तानों के नाम का ऐलान किया. राशिद खान और मोहम्मद नबी ने बोर्ड के इस फैसले की आलोचना की थी.

सिमंस ने  साफ किया कि इस फैसले में उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया. हालांकि उन्होंने ऐसा सीधे तौर पर नहीं कहा. सिमंस ने कहा, "मैं उस समय घर (लंदन) पर था. नहीं मुझे नहीं पता था. मुझे कोई वजह भी नहीं बताई गई. यह एसीबी और चयनकर्ताओं का फैसला था." उन्होंने कहा, "लेकिन मेरे पास जो टीम थी मैंने उसके साथ अपना काम चालू रखा. मेरी कोशिश थी कि कप्तानी से बदलाव के कारण टीम की विश्व कप की तैयारियों पर कोई असर न पड़े."

सिमंस ने कहा कि वह विश्व कप के बाद अपना कार्यकाल नहीं बढ़ाएंगे. वेस्टइंडीज के पूर्व खिलाड़ी और कोच ने कहा, "मैंने इसके बारे में सोचा. मैंने एसीबी को बता भी दिया है कि मैं अपना करार बढ़ाऊंगा नहीं. एक बार 15 जुलाई को जब मेरा कार्यकाल समाप्त हो जाएगा तो मैं कुछ नया करूंगा." सिमंस ने कहा कि उन्होंने 18 महीनों के लिए करार किया था. सिमंस ने कहा, "मुझे लगता है कि मैंने इस दौरान काफी कुछ किया. इसलिए अब समय आ गया है कि मैं आगे बढ़ूं और कुछ और करूं."

सिमंस ने बताया कि वह क्या करने के बारे में विचार कर रहे हैं. हालांकि वे अपनी भविष्य की योजना को लेकर निश्चित नहीं हैं, फिर भी उन्होंने कहा, "मैं कैरिबियन प्रीमियर लीग (सीपीएल) में कुछ करना चाहता हूं. यह मेरे पसंदीदा टूर्नामेंट्स में से एक है. भगवान मुझे रास्ता दिखाएगा और देखते हैं कि वह मुझे कहां ले जाता है." सिमंस ने इस मामले में एक परिपक्व कोच की तरह बर्ताव किया है, लेकिन उनके बयान से साफ है कि अफानिस्तान बोर्ड और उनके बीच काम सहजता से नहीं चल रहा है.