अभी खां रिजल्ट आए नहीं हेंगे, बाकी एक्जिट पोलों के लिहाज से अपने सूबे की सरकार पे फिर से बहुमत साबित करने की कोशिशें शुरु हो गई हैं। यहीं ईवीएम की विश्वसनीयता पे फिर से सवाल उठ खड़े हुए हैं। यहीं एक्जिट पोल के बाद माया, अखिलेश, ममता और नायडू की मुलाकातें वाली खबर भेतरीन रही। शताब्दी में वंदे भारत श्रेणी के कोच वाली खबरें अखबारों में छप चुकी हैं। अखबार लिखता है कि तालाब के साथ ही शहर की पहाड़ियां भी संकट में हैं। हमीदिया में कैंसर की सिकाई बंद हो गई है। आखिर ये हो क्या रिया हे। प्रवेंद्र तोमर बता रहे हैं कि 35 सालों से कई लोग जमा की हुई बंदूकें लेने ही नहीं आए। शहर की 1200 कालोनियों में सफाई की हकीकत बयां करती खबर जानदार रही।