नई दिल्ली : प्रधानमंत्री मोदी को जनता ने एक बार फिर देश की राजगद्दी सौंप दी. सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन देश के प्रमुख शेयर बाजार हरे निशान के साथ खुले. 30 अंकों वाला सेंसेक्स 265 अंक की तेजी के साथ 39,076.28 के स्तर पर खुला. वहीं 50 अंकों वाला निफ्टी 91 अंक की तेजी के साथ 11,748 के स्तर पर खुला. इससे पहले चुनाव नतीजे के दिन गुरुवार को सेंसेक्स 298.82 अंक की गिरावट के साथ 38811.39 पर और निफ्टी 80.85 अंक गिरकर 11657.05 पर बंद हुआ.

कारोबारी सत्र के दौरान शुक्रवार सुबह करीब 9.52 बजे सेंसेक्स 182.78 अंक की तेजी के साथ 38994.17 के स्तर पर कारोबार करते देखा गया. लगभग इसी समय निफ्टी 49.45 अंक चढ़कर 11706.50 के स्तर पर दिखाई दिया. गुरुवार को शेयर बाजार अपने रिकॉर्ड हाई 40,124.96 के स्तर पर गया और निफ्टी 12000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया था. लेकिन कारोबार के अंत में यह गिरावट के साथ बंद हुआ.

जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में कंज्यूमर सेक्टर में निवेश करने वालों को फायदा होगा. इसके अलावा कंजम्पशन सेक्टर, फाइनेंशियल सेक्टर और इंड​स्ट्रियल सेक्टर में भी पैसा लगाना भविष्य के हिसाब से अच्छा रहेगा. खास शेयर की बात करें तो एशियन पेंट्स, इंटरग्लोब एविएशन और अडानी पोर्ट में निवेश फायदेमंद रहेगा. बैंकिंग सेक्टर से बहुत ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती. हेल्थ केयर और आईटी भी निवेश के नजरिये से बहुत मुफीद साबित नहीं होंगे.

आने वाले समय में आरबीआई से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद की जा रही है. जुलाई में बजट के दौरान सरकार की तरफ से की जाने वाली घोषणाएं बाजार की दिशा तय करेंगी. इसके अलावा सरकार से रोजगार के मोर्चे पर काम करने की काफी उम्मीदें हैं. जानकारों का कहना है कि इस बार घरेलू मोर्चे के अलावा ट्रेड वार, क्रूड ऑयल की कीमत और यूएस फेड द्वारा कोई कठिन निर्णय शामिल हो सकते हैं. हालांकि विदेशी निवेशक निवेश को लेकर चिंतामुक्त हैं. मजबूत सरकार आने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा.