जिस फायरी हेडिंग की उम्मीद भास्कर से की जाती है उस हिसाब का हेडिंग आज नहीं आया। अलबत्ता फोटू और लेआउट का जवाब नहीं। भाजपा को जीत कैसे मिलीं, अब आगे क्या, गेम मेकर, गेम चेंजर और गेम बे्रकर वाले बक्से भेतरीन सेट हुए। 14 राज्यों में भाजपा को फिफ्टी परसेंट वोट और सियासी दलों की बेलेंसशीट भेतरीन आई। यूपी में तो कांग्रेस और क्षेत्रीय दलों का काम लग गया। अकेले दम पे लड़ी कांग्रेस यूपी में एक सीट पे सिमट गई। अपने एमपी में तो खां कांग्रेस का सूपड़ाई साफ हो गिया। इत्ती बुरी हार की उम्मीद तो खां खुद भाजपा ने भी नहीं की होगी। दिग्गी राजा भी खां सोच रए होंगे के ये आखिर हुआ क्या। सिंधिया जी को उनीके  चेले केपी यादव ने पटक दिया। कभी कार में बैठे सिंधिया के साथ सेल्फी लेते केपी यादव ने भी खां इतिहास बना दिया।