नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019  में 543 में 542 सीटों पर मतगणना के नतीजे  शुक्रवार को कई राज्यों में साफ हो चुके हैं. 'प्रचंड मोदी लहर' पर सवार होकर बीजेपी ने एक बार फिर से बहुमत का आंकड़ा छू लिया. बीजेपी की इस जीत पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस जनादेश को धर्म और जाति में बांटकर नहीं देखना चाहिये. उन्होंने कहा कि ये लोकतंत्र का महोत्सव था. यह लोगों की जीत है. यह किसी दल की हार नहीं है.

आरएसएस के मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संरक्षक इंद्रेश कुमार ने कहा कि कुछ बातें सबको सीख लेनी चाहिए, जिसने असभ्य, अपमानजनक, अश्लील शब्दों का प्रयोग किया, जनता ने उन दलों को नकार दिया. उन्होंने कहा कि देश की जनता ने बता दिया कि वो एक सांस्कृतिक समाज में रहना चाहते हैं. जिन दलों ने जाति-धर्म के नाम पर बांटने की कोशिश की, जनता ने उन्हें बता दिया कि 60-70 साल जो बंटवारे की राजनीति चली, अब देश उस पर नहीं चलना चाहता हैं. उन्होंने कहा कि देश का नागरिक एक हिंदुस्तानी बनकर जीना चाहता है.

उन्होंने कहा कि जनता ने जाति औऱ धर्म की राजनीति को पूरी तरह नकार दिया है. अल्पसंख्यक के नाम पर जिनको गुमराह किया जाता था, उन अल्पसंख्यकों के अंदर भी एक मूवमेंट चला कि उन्होंने अबतक जिन दलों को वोट दिया उससे मिला क्या उनको. उन्होंने कहा कि ना शिक्षा, ना विकास, ना रोज़गार और ना ही सबके साथ जीने का हक़ था. उनको लगा कि अब तक उन्होंने जिन दलों से नफरत की, गाली दी उन्होंने बिगाड़ा क्या है. कुमार ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय के साथ हमने 3 हज़ार बैठकें कीं.

उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यकों के अंदर ये स्पष्ट था कि हम बीजेपी को जिताने के लिए वोट करेंगे. उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों ने तुष्टीकरण की राजनीति को नकार दिया और मुख्यधारा में चलने के बारे में सोचा. तीन तलाक़, हलाला से मुक्ति का जनजागरण हुआ. सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया, सरकार ने कानून बनाया. और भी कई योजनाएं सबके लिए बनाई गई, इसे कोई नकार नही सकता. उन्होंने सरकार की सराहना करते हुए कहा कि यह सरकार पाकिस्तान-चीन को सबक सिखाती है और मजबूत भारत की द्योतक है.