भोपाल : मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में अवैध रेत उत्खनन का काला धंधा बढ़ता ही जा रहा है और प्रशासन इस पर रोक लगाने में नाकाम साबित हो रही है. जिले के मानपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत बल्हौड के मोह्बाला खदान में इन दिनों रेत के उत्खनन में सोन नदी के अन्दर बड़ी मशीने लगाकर भारी मात्रा में रेत माफियाओ के द्वारा दिन दहाड़े रेत का उत्खनन किया जा रहा है. वहीं जिला प्रशासन आंख में पट्टी बांधकर रेत माफियाओं का मूक दर्शक बन साथ दे रहा है. जिससे स्थानीय लोग भी प्रसासन से खासे नाराज हैं.

दो जिले की सीमाओं को जोड़ने वाली सोन नदी इन दिनों रेत माफियाओ के कब्जे में है  सोन नदी का सीना छल्ली कर बड़ी बड़ी मशीनों से रेत निकालकर दूसरे जिले में सप्लाई करने का कार्य जोरो पर है जैसा भी दृश्य दिखा रहे है बरसात लगने के  पहले जल्द से जल्द ये रेत माफिया रेत निकालकर अपने भण्डारण में रख लेना चाहते है कि बरसात में भण्डारण कि रेत दोगुने मूल्य में बेचेंगे, वहीं जिले का प्रशासन भी ये मानता है कि दुसरे जिले के लोग यहाँ पर अवैध उत्खनन पर रेत निकालकर ले जा रहे है.

जब जिले के कलेक्टर भी इस बात को मानते हैं कि यहां पर अवैध उत्खनन जोरो पर है. तो वहीं जिले के खनिज अधिकारी को यह तक पता नहीं कि कोण सी टीपी कहां उपयोग हो रही है और मामले से अपने आपको दूर करते हुए बताया कि आपको द्वारा जानकारी दी गई है हम इसको दिखवाते है.

एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री यह कहते हुए नही थकते कि कोई भी अवैध कार्य प्रदेश में हुए तो जिले के कलेक्टर होंगे जिम्मेदार, मगर यहाँ तो जिले का कलेक्टर खुद जान रहा है कि कि इस जिले कि जो बड़ी नदिया है उनपर रेत माफियाओ के  द्वारा रेत का खुला कारोबार चल रहा है उमरिया के कलेक्टर मीडिया के सामने स्वीकार करते है कि यहाँ रेत का अवैध कारोबार जोरो से चल रहा है अब देखना यह है कि प्रदेश के मुखिया जिले के मुखिया पर क्या कार्यवाही करते है.