लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं और बच्चियों के उत्पीड़न से जुड़ी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. लखनऊ में हुई बैठक में एन्टी रोमियो स्क्ववाड को फिर से सक्रिय करने के आदेश दिए है. सीएम योगी ने 12 जून को सभी एसपी और डीएम की बैठक बुलाई है. अलीगढ़, हमीरपुर और अन्य घटनाओं से सीएम योगी नाराज नजर आए. उन्होंने आदेश दिया है ऐसे मामलों पर लापरवाही करने वालों को चिंहित करने का आदेश दिया है. इसके साथ महिला एवं बाल कल्याण विभाग को भी वर्ग विशेष के लिए काम करने का आदेश दिया है.

मुख्यमंत्री यहां लोक भवन में महिला सुरक्षा के संबंध में आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे. अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी अभियोजन को आवश्यक बताते हुए उन्होंने पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए कि प्रत्येक रेंज से नाबालिग बच्चियों के साथ हुए जघन्य अपराधों के 10-10 मामले चिन्हित कर, फास्ट ट्रैक अदालतों में मुकदमा चलाकर अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए.

Lucknow: UP CM Yogi Adityanath holds a meeting with Chief Secretary and senior police officials over women security in the state. pic.twitter.com/DeYFHcU0eF

— ANI UP (@ANINewsUP) June 10, 2019

मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है कि एडीजी, आईजी एवं डीआईजी जैसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी फील्ड में भ्रमण करें. पुलिस कप्तान प्रतिदिन अलग-अलग थाना क्षेत्रों का भ्रमण करें. उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना क्षेत्र में पूर्व में महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों में संलिप्त रहे, व्यक्तियों को चिन्हित कर उन्हें पाबंद किया जाए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं से छेड़खानी करने तथा उन्हें परेशान करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने एंटी रोमियो स्क्वायड की कार्रवाइयों को पूरे जून माह अभियान के रूप में चलाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि डायल-100 के वाहनों को व्यापारिक क्षेत्रों तथा लूटपाट की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर खड़ा होना चाहिए. उन्होंने पुलिसिंग, डायल-100 तथा एंटी रोमियो स्क्ववाड को और अधिक सक्रिय किए जाने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधों पर नियंत्रण के लिए वाहनों की रैंडम चेकिंग आवश्यक है. इसके लिए विशेष अभियान चलाने की जरूरत है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई में सभी स्कूलों में महिला कल्याण विभाग और पुलिस विभाग द्वारा मिलकर महिला सुरक्षा संबंधी प्राविधानों के संबंध में जागरूकता अभियान संचालित किया जाए.

उन्होंने कहा कि महिला संबंधी अपराधों में घरेलू हिंसा की भी भूमिका है. इसके दृष्टिगत, '181' महिला हेल्पलाइन को सुदृढ़ किया जाए. उन्होंने '1090' वीमेन पावर लाइन को भी और अधिक सुढ़ बनाने तथा प्रत्येक माह इसकी समीक्षा के भी निर्देश दिए. इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. अनूप चंद्र पांडेय, पुलिस महानिदेशक ओपी. सिंह, प्रमुख सचिव (गृह) अरविंद कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे.