नई दिल्ली: अस्वस्थ होने के कारण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्री नहीं बने बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के समय मिला आलीशान बंगला जल्द ही खाली कर नए सरकारी आवास में जा सकते हैं. सूत्रों ने यह जानकारी दी.

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नई मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह से एक दिन पहले 29 मई को पूर्व वित्त मंत्री जेटली ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि वह स्वास्थ्य कारणों से नई सरकार में मंत्री नहीं बनना चाहते.

राज्यसभा सदस्य जेटली ने कहा कि पिछले 18 महीनों से वह स्वास्थ्य संबंधी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहे हैं और इसलिए भविष्य में ‘किसी जिम्मेदारी’ से खुद को दूर रखना चाहेंगे तथा इलाज एवं स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे.

जेटली ने नहीं किया आवास को लेकर अंतिम फैसला
सूत्रों ने कहा कि जेटली ने अपने नए सरकारी आवास को लेकर अंतिम फैसला नहीं किया है. दिल्ली की कैलाश कॉलोनी में उनका अपना मकान है. जेटली को 2014 में 2, कृष्ण मेनन मार्ग का सरकारी बंगला आवंटित किया गया था.

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में वह राज्यसभा में सदन के नेता थे. ऐसे में यदि मौजूदा सरकार में उन्हें फिर से वही जिम्मेदारी दी जाती है तो वह बड़े सरकारी बंगले के हकदार होंगे.

टाइप 8’ बंगले में भूखंड का आकार सामान्यत: 8,250 वर्ग फुट होता है और इसमें आठ शयन कक्ष, घरेलू सहायकों के चार क्वार्टर, दो गराज, आगे और पीछे लॉन होते हैं. ऐसी अटकलें हैं कि जैसे ही जेटली की सेहत में सुधार होता है, उन्हें मोदी सरकार में बिना किसी प्रभार का मंत्री बना दिया जाएगा. पेशे से वकील जेटली मोदी कैबिनेट के सबसे अहम नेता रहे हैं. वह सरकार को मुश्किल स्थिति से बाहर निकालने वाले नेता के तौर पर भी जाने जाते हैं.