नई दिल्‍ली: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन के बीच अहम मुलाकात हुई है. मुलाकात के दौरान सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन ने बल के काम-काज का ब्‍यौरा गृहमंत्री अमित शाह के समक्ष पेश किया. इस मुलाकात के बाद सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन ने देश के गृह राज्‍यमंत्री नित्‍यानंद राय से भी मुलाकात की. गृह मंत्री अमित शाह के साथ महानिदेशक राजेश रंजन की इस मुलाकात को सीआईएसएफ ने एक प्रोटोकॉल मीटिंग बताया है. सीआईएसफ के अनुसार, मुलाकात के दौरान महानिदेशक ने गृह मंत्री अमित शाह और गृह राज्‍यमंत्री नित्‍यानंद राय को सीआईएसएफ की जिम्‍मेदारियों और कार्य प्रणाली से अवगत कराया है.

सीआईएसएफ के अनुसार, विगत 50 वर्षों में सीआईएसएफ की विश्वसनीयता एवं पेशेवर दक्षता में गुणात्मक वृद्धि हुई है. उन्‍होंने कहा कि बल के लिए यह बहुत गर्व की बात है कि सीआईएसएफ द्वारा प्रदत्त सेवाओं को संबंधित संस्थानों द्वारा अत्यधिक प्रशंसा की गई है, जिसके परिणामस्वरूप विविध संस्थानों द्वारा की जा रही सीआईएसएफ सुरक्षा की मांग में अपेक्षित वृद्धि हुई है. मौजूदा समय में सीआईएसएफ 1,56,000 की संख्या के साथ देश के 345 विभिन्न महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान कर रहा है. सीआईएसएफ के सुरक्षा कवच में 61 हवाई अड्डे के साथ परमाणु एवं अंतरिक्ष संस्थान, समुद्री बंदरगाह, बिजली उत्पादन के प्रमुख क्षेत्र, इस्पात, कोयला, अन्य खनन के क्षेत्र एवं तेल के प्रतिष्ठान, दिल्ली मेट्रो, सरकारी भवनों, संग्रहालयों, ऐतिहासिक विरासत के स्मारकों जैसे -ताजमहल, लाल किला इत्यादि है. सीआईएसएफ के स्पेशल सिक्यूरिटी ग्रुप (एसएसजी) द्वारा विभिन्न श्रेणियों के 83 विशिष्ट व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान किया जा रहा है.

उन्‍होंने बताया कि 2018 एवं जनवरी 2019 तक सीआईएसएफ की तैनाती 09 नई इकाईयों में की गई, जिनमें 01 अग्नि शमन शाखा की इकाई भी शामिल है. बल के सदस्‍यों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए 1990 में नेशनल इंडस्ट्रियल सिक्यूरिटी अकादमी (निसा) हैदराबाद की स्थापना हुई थी. जिसे 1999 में गृह मंत्रालय द्वारा इंडस्ट्रियल सिक्यूरिटी के क्षेत्र में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के सम्‍मान से सम्मानित किया गया था. उन्‍होंने बताया कि 27-28 मई 2016 को कार्मिक व प्रशिक्षण विभाग ने यूएनडीपी के सहयोग से राष्ट्रीय औद्योगिक सुरक्षा अकादमी को ‘एक्सीलेंस इन ट्रेंनिंग’ के लिए पुरस्कृत किया था. निसा के अतिरिक्त 6 क्षेत्रीय प्रशिक्षण केन्द्र हैं, जो भिलाई (मध्य प्रदेश), देवली (राजस्थान), बड़वाह (मध्य प्रदेश), अराकोणम (तमिलनाडू), बेहरोर (राजस्थान) एवं मुंडली (ओडिशा) में स्थित हैं. इन प्रशिक्षण केन्द्रों में विभिन्न पदों को बल के लिए आवश्यक प्रशिक्षण दिया जाता है.