नई दिल्लीः तमिलनाडु में ISIS के संदिग्धों पकड़ने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) छापेमारी कर रही है. राज्य के कोयंबटूर में 8 जगहों पर यह छापेमारी की जा रही है. एनआईए कोचीन और कोयबंटूर के अधिकारियों की टीम द्वारा यह कार्रवाई की जा रही है. ऐसा बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह 6 बजे से यह छापेमारी की जा रही है. ISIS के संदिग्ध आतंकियों के नाम अजहरुद्दीन, सद्दाम, अकबर, अकरम जिंदा, अबुबकर सिद्दीकी, इदायतुल्ला बताया जा रहा है. ऐसा बताया जा रहा है कि श्रीलंका में हुए ब्लास्ट के बाद तमिलनाडु में आईएसआईएस की मौजूदगी को लेकर एनआईए ने यह कार्रवाई की है.

बता दें कि 30 अप्रैल को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने श्रीलंका में हुए विस्फोटों के मास्टरमाइंड जहरान हाशिम के गुर्गे को केरल में आत्मघाती हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था. एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि पलक्कड़ निवासी 29 वर्षीय रियास ए उर्फ रियास अबू बकर उर्फ अबू दुजाना को आईएसआईएस मॉडयूल मामले में रविवार को हिरासत में लिया गया.

Tamil Nadu: Searches being conducted at 7 locations in Coimbatore; #visuals from Anbu Nagar area. More details awaited pic.twitter.com/JCfriIKp0Y

— ANI (@ANI) June 12, 2019

पूछताछ के दौरान, रियास ने खुलासा किया कि वह पिछले एक साल से ज्यादा समय से हाशिम के भाषणों/ वीडियो का अनुसरण कर रहा था. विवादास्पद इस्लामी प्रचारक जाकिर नाइक के भाषणों को भी वह गौर से सुनता था. प्रवक्ता ने कहा, ‘उसने स्वीकार किया कि वह केरल में आत्मघाती हमले को अंजाम देने की फिराक में था.’

इससे पहले श्रीलंका में 21 अप्रैल ईस्टर के दिन हुए बम विस्फोटों के मुख्य संदिग्ध की बहन ने कहा था कि उसके परिवार के 18 सदस्य लापता हैं और उसने हमलों और छापों के बाद इनके मारे जाने की आशंका जताई है. मोहम्मद हाशिम मथानिया, मोहम्मद जहरान हाशिम की बहन है, जिस शख्स के बारे में श्रीलंकाई अधिकारियों का मानना वह हमले के सरगनाओं में से एक है.

मथानिया ने कहा कि उसने सप्ताह की शुरुआत में पुलिस स्टेशन में शरीर के हिस्सों की तस्वीरें देखकर अपने भाई की पहचान की. उसने कहा, 'हमलों (रविवार को) के बाद से पांच लोग लापता हो गए. इनमें मेरे तीन भाई, मेरे पिता और मेरी बहन के पति शामिल हैं.' श्रीलंका के पूर्वी तटीय शहर संथमारुथु में पुलिस और कथित आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में छह संदिग्ध आतंकवादियों के साथ 10 नागरिक मारे गए जिनमें छह बच्चे भी शामिल थे.