नई दिल्‍ली : किर्गिस्‍तान के बिश्‍केक में आज से दो दिवसीय शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन आयोजित हो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां के लिए गुरुवार सुबह रवाना हो गए. गुरुवार को बिश्‍केक में शुरू हो रहे इस सम्‍मेलन में पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान पहली बार शामिल हो रहे हैं. वहीं चीन के राष्‍ट्रपति शी चिनपिंग भी इसमें पहुंचे हैं. माना जा रहा है कि इस सम्‍मेलन में पीएम मोदी इन नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान पाकिस्‍तान के हवाई क्षेत्र का इस्‍तेमाल न करके मुंबई और ओमान के रास्‍ते बिश्‍केक पहुंचेगा. पीएम मोदी दोपहर 2 बजे के करीब किर्गिस्‍तान पहुंचेंगे.

Delhi: Prime Minister Narendra Modi departs for Bishkek in Kyrgyzstan where he will attend Shanghai Cooperation Organisation (SCO) summit on June 13-14. He will also hold bilateral meetings with President Xi Jinping of China and President Vladimir Putin of Russia. pic.twitter.com/3OI3kXholK

— ANI (@ANI) June 13, 2019

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग बुधवार को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) सम्मेलन में भाग लेने के लिए बिश्केक रवाना हो गए थे. सम्मेलन के इतर वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. आम चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद दोनों नेताओं की यह पहली बैठक है. एससीओ का 19वां सम्मेलन किर्गिस्तान के बिश्केक में 13 से 14 जून तक चलेगा. एससीओ, चीन के नेतृत्व वाला आठ सदस्यीय आर्थिक और सुरक्षा समूह है जिसमें भारत और पाकिस्तान को 2017 में शामिल किया गया था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि किर्गिज गणराज्य में हो रहे शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की शिखर बैठक में वैश्विक सुरक्षा स्थिति और आर्थिक सहयोग पर मुख्य जोर रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि इस मध्य एशियाई देश की उनकी यात्रा एससीओ के सदस्य देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करेगी. बिश्केक की 13-14 जून की अपनी यात्रा से पहले मोदी ने एक बयान में कहा कि एससीओ सम्मेलन से इतर उनकी योजना कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी है.

उन्होंने कहा, ‘‘क्षेत्र में बहुपक्षीय, राजनीतिक, सुरक्षा, आर्थिक और लोगों से लोगों के बीच संपर्क को बढ़ावा देने में हम एससीओ को विशेष महत्व देते हैं. भारत ने दो साल पहले एससीओ का पूर्ण सदस्य बनने के बाद इसके विभिन्न वार्ता तंत्रों में सक्रियता से भाग लिया है.’’ पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने किर्गिज गणराज्य की अध्यक्षता को पूरा सहयोग दिया है.

सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति शी किर्गिस्तान के लिए रवाना हो गये जहां वह एससीओ के सम्मेलन में भाग लेंगे. एससीओ सम्मेलन पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोबारा सत्ता संभालने के बाद भाग लेंगे. वह सम्मेलन से इतर राष्ट्रपति शी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन से मुलाकात करेंगे.

मोदी ने एससीओ को महत्व देते हुए इसके अध्यक्ष राष्ट्र किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव को बिम्सटेक के अन्य नेताओं तथा मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ के साथ पिछले महीने अपने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया था. यह एससीओ का पहला सम्मेलन है जिसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भाग ले रहे हैं. चीन सम्मेलन से इतर शी और मोदी की मुलाकात को लेकर अपनी अपेक्षाएं प्रकट कर चुका है.

चीन के उप विदेश मंत्री झांग हान्हुई ने मोदी-शी की मुलाकात पर एक सवाल का जवाब देते हुए इस महीने की शुरूआत में यहां कहा था, ‘‘राष्ट्रपति शी और प्रधानमंत्री मोदी अच्छे दोस्त हैं. उनकी पिछले साल वुहान में बहुत सफल अनौपचारिक मुलाकात हुई थी.’’  अनौपचारिक वुहान वार्ता ने भारत और चीन को उस तनाव को कम करने में मदद की थी जो भारत-चीन-भूटान सीमा पर 2017 में डोकलाम के गतिरोध के दौरान पैदा हुआ था.

वुहान वार्ता के बाद दोनों देशों ने सैन्य संबंधों समेत विभिन्न क्षेत्रों में रिश्तों को सुधारने के प्रयास तेज किए. इस साल की शुरूआत में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने घोषणा की थी कि राष्ट्रपति शी इस साल के आखिर में दूसरी अनौपचारिक वार्ता के लिए भारत जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक बिश्केक में मोदी के साथ शी की मुलाकात के दौरान चीन के राष्ट्रपति की यात्रा पर बातचीत हो सकती है. दोनों नेता संबंधों को खासकर व्यापार और निवेश में नई रफ्तार दे सकते हैं.