देवास : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार को हुए आतंकी हमले में कुल पांच जवान शहीद हो गए, जिनमें संदीप यादव भी शामिल हैं. शहीद कॉन्स्टेबल संदीप यादव मध्य प्रदेश के देवास जिले के रहने वाले थे. गरीब किसान परिवार में जन्में संदीप यादव सीआरपीएफ की 116वीं बटालियन में तैनात थे. अनंतनाग के जिस इलाके में बुधवार को आतंकियों ने हमला किया, वहां सीआरपीएफ की 116वीं बटालियन की ब्रावो कंपनी और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम को पिकेट ड्यूटी पर तैनात किया गया था. बता दें अनंतनाग आतंकी हमले में शहीद संदीप यादव का पार्थिव देह देवास जिले के सोनकच्छ पहुंच चुका है, जहां कैबिनेट मंत्री सज्जन सिंह वर्मा और सीआरपीएफ के आलाधिकारी साथ में मौजूद रहे.

शहीद संदीप यादव का पार्थिव देह कुछ ही देर में उनके पैतृक गांव भौरासा पहुंचेगा. जहां शहीद के अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है. बता दें भौरासा पहुंचने के बाद शहीद संदीप यादव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. इससे पहले शहीद का पार्थिव देह जब भोपाल एयरपोर्ट पहुंचा तो यहां मुख्यमंत्री कमलनाथ ने हमले में शहीद संदीप यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की और शहीद के परिजन को राज्य सरकार द्वारा 1 करोड़ की सहायता राशि, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आवास दिए जाने की घोषणा की है.

भोपाल एयरपोर्ट पहुंचकर अनंतनाग में आतंकी हमले में शहीद हुए देवास जिले के CRPF जवान शहीद संदीप यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की।

राज्य सरकार द्वारा शहीद के परिजन को 1 करोड़ की सहायता राशि,परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आवास दिया जाएगा। pic.twitter.com/EuhOjNBlJs

— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) June 13, 2019

संदीप के पिता कांतिलाल यादव बेटे के शहीद होने की खबर के बाद से ही सदमें में हैं और चुपचाप बैठे हैं. वहीं शहीद की पत्नी का भी रो-रो कर बुरा हाल है. शहीद की पत्नी ज्योति के मुताबिक उनके पति ने गोली लगने की बाद भी उनसे बात की थी और बताया था कि उन्हें गोली लगी है, लेकिन चिंता मत करना मैं जल्दी ही बात करूंगा. बता दें शहीद संदीप यादव के अलावा भौरासा गांव के अन्य और भी कई जवान हैं जो देश की सेना में शामिल होकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इनमें संतोष यादव, पोपसिंह यादव, रोहन मनोहर चौधरी और शेरसिंह यादव भी शामिल हैं. ऐसे में संदीप यादव पहले जवान हैं जिन्होंने देश की सेवा करते हुए अपनी जान न्योछावर कर दी.