कहीं फिसल न जाऊं तेरे खयालों के चलते चलते, अपनी यादों को रोको मेरे शहर में बारिश हो रही है। भोत तपाया खां इस बारिश ने। अल्ला का शुकर हेगा के कल जमके बादल बरसे। एक घंटे की बारिश ने महीने भर की तपिश के काम डाल दिए। मय फोटू के खबर भेतरीन आई यहां। इमरान मियां को खां सियासी प्रोटोकोल का कोई अंदाजा तो हे नर्इं। एससीओ मीट में वो अकेले बैठे हुए हैं बाकी सारे नेता खड़े हैं। श्यामला पिलांट से मलमूत्र मिला पानी सप्लाई हो रिया है। मनोज जोशी की पूरे झंके मंके के साथ खबर। शहर में बारिश के बाद नालों के हाल बयां करती खबर भी यहां है। कोलकाता में डाक्टरों के साथ हुई मारपीट की प्रतिक्रिया पहले भोपाल में नहीं हुई। जाहिर है इस बार इसमें कुछ सियासत छुपी हुई है। स्वीपिंग मशीनें सड़कों से कचरा साफ नहीं कर पा रहीं। भोत जानदार ग्राउंड रिपोर्ट। दिग्गी राजा की हार के बाद जलसमाधि की घोषणा करने वाले बाबा ने कलेक्टर ने जलसमाधि की इजाजत मांगी है।