अक्सर लोग पेट में लगातार दर्द, भारीपन और मरोड़ पड़ना जैसी समस्याओं को छोटी समझ इग्नोर कर देते हैं लेकिन यह फैटी लिवर के लक्षण हो सकते हैं। वसायुक्त यकृत यानी फैटी लिवर एक ऐसी बीमारी है जो शरीर में बहुत ज्यादा फैट बनने के कारण होती है। इससे लिवर डैमेज, कैंसर और लिवर सिरोसिस का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में समय रहते इसका इलाज करवाना जितना जरूरी है उतना ही जरूरी है इससे बचना। इसके लिए आपको बस अपने गलत लाइफस्टाइल में थोड़ा बदलाव करना होगा क्योंकि इस बीमारी से सिर्फ बेहतर खानपान के जरिए बचा सकता है।
 
भारत में 15% बढ़े फैटी लिवर के मामले
साल 2017-18 की तुलना में इस साल नॉन-ऐल्कॉहॉल फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के मामलों में 15% वृद्धि हुई है। हालांकि, अभी तक कोई निश्चित आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि वो हर महीने कम से कम 10 से 12 नए मामले देख रहे हैं, जो हर आयु वर्ग के हैं।

क्‍या है फैटी लिवर?
फैटी लिवर ऐसी बीमारी है, जिसमें लिवर की कोशिकाओं में अधिक मात्रा में फैट जमा हो जाता है। लिवर में वसा की कुछ मात्रा का होना तो सामान्य बात है लेकिन फैटी लिवर बीमारी व्यक्ति को केवल तब होती है जब वसा की मात्रा लिवर के भार से 10% अधिक हो जाती है। अतिरिक्त फैट जमा होने के कारण लिवर अपना काम करना भी बंद कर देता है।

फैटी लिवर के कारण
गलत खान-पान के कारण आजकल लोगों जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। इसके अलावा इन कारणों की वजह से भी व्यक्ति को फैटी लिवर जैसी समस्याओं का
सामना करना पड़ता है जैसे:-

शरीर में विटामिन बी की कमी होना।
अधिक मात्रा में अल्कोहल का सेवन।
अधिक कॉलेस्ट्रॉल वाला आहार लेना।
दूषित मांस, गंदा पानी, मिर्च मसालेदार चीजें खाना
पीने वाले पानी में क्लोरीन की मात्रा का अधिक होना।
मलेरिया, टायफायड से पीडि़त होना।
ब्यूटी प्रोडक्ट्स का अधिक इस्तेमाल।
हेपेटाइटिस ए, बी या सी इंफेक्शन।
एंटीबायोटिक दवाईयों का अधिक सेवन।
फास्ट-फूड व फ्राइड फ्रूड्स का सेवन।

बीमारी के लक्षण
भूख न लगना
पेट में सूजन आना
छाती भारीपन और जलन
लिवर वाली जगह पर दबाने से दर्द होना
बदहजमी होना और पेट में गैस बनना
आलस्‍य और कमजोरी आना
मुंह का स्वाद बिगड़ना

ऐसे करें बचाव

हर साल करवाएं फाइब्रो स्कैन
डॉक्टरों के मुताबिक, प्रत्येक व्यक्ति को हर साल फाइब्रोस्कैन, लिवर फंक्शन टेस्ट और अल्ट्रासाउंड जांच करवाते रहना चाहिए। इससे समय रहते बीमारी का पता लगाकर उसका इलाज किया जा सकता है।

जरूरत से ज्यादा ना खाएं
एक्सपर्ट के मुताबिक, एक दिन में पुरुष को 2500 और महिला को 2000 कैलोरी की जरूरत होती है। मगर फास्ट फूड, मिठाई, चावल और शराब के जरिए लोग ज्यादा कैलोरी ले लेते हैं, जो लिवर को नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में बेहतर होगा कि आप इन चीजों से दूरी बनाएं।

सही डाइट
चावल में ज्यादा कैलोरी होती है। रात में चावल न खाएं तो बेहतर होगा। तेल, मिठाई, बर्गर, पिज्जा जैसे वेस्टर्न फूड से भी परहेज करें। इसके अलावा डाइट में फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और स्वस्थ वसा से भरपूर आहार का सेवन करें।

दालचीनी का सेवन करें
अध्ययनों के अनुसार, दालचीनी अपने एंटीऑक्सीडेंट और इंसुलिन-सेंसिटाइजर गुणों के कारण लिपिड प्रोफाइल और NAFLD को बेहतर बनाने में मदद कर सकती है।

3-4 गिलास पीएं पानी
सुबह जल्दी उठकर 3 से 4 गिलास पानी का सेवन जरूर करें। साथ ही दिनभर में कम से कम 3-4 गिलास पानी जरूर पीएं। इसके अलावा भोजन करने के करीब 1 घंटे बाद ही पानी पिएं। साथ ही चाय व कॉफी से परहेज करें।

हर दिन करें एक्सरसाइज
नियमित तौर पर रोजाना 45 मिनट व्यायाम भी करें। हर दिन कम से कम 30-45 मिनट की शारीरिक गतिविधि से फैटी लिवर की समस्या को 75% तक कम किया जा सकता है।

शराब-धूम्रपान से करें परहेज
अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो इसे तुरंत बंद कर दें क्योंकि शराब से लिवर को सबसे ज्यादा खतरा होता है। इसके अलावा किसी भी तरह के नशीले पदार्थो का सेवन ना करें।

कैलोरी काउंट करें
जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है उन्हें फैटी लिवर की समस्या अधिक होती है। ऐसे में अगर आप मोटापे से ग्रस्ट हैं तो रोजाना ली जाने वाली कैलोरी की संख्या कम करें। वहीं अगर आपका वजन सही है तो कैलोरी की संख्या सामान्य रखें।

हल्दी
हल्दी कुदरती एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है। शरीर को स्वस्थ रखने और संक्रमण से बचाव रखने में यह बहतु उपयोगी है। इसके अलावा हल्दी का सेवन लिवर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है।

ग्रीन टी
ग्रीन टी में कैचिन नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो लिवर फंक्शन को सही तरीके से चलाने और लिवर फैट से छुटकारा दिलाने में मदद करते है। ऐसे में रोजाना 2 से 3 कप ग्रीन टी जरूर पीए।