नई दिल्लीः 17वीं लोकसभा का पहला संसद सत्र सोमवार से शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा की सदस्यता की शपथ ले ली है जबकि नवनिर्वाचित सांसद शपथ ले रहे हैं। इस बार संसद में बहुत कुछ बदला नजर आएगा। संसद में 277 सांसद पहली बार चुनकर आए हैं। इसके अलावा पहली बार सबसे अधिक महिलाएं संसद पहुंची हैं। सबसे ज्यादा युवा जीतकर आए हैं। चुने गए सांसद अलग-अलग पेशे से जुड़े हैं और उनकी यह खासियत लोगों में उम्मीद जगाती है।

PM Modi at the Parliament for the first session of the 17th LS: After several decades, a govt has won absolute majority for the second term. People have given us the chance to serve the country again. I request all the parties to support the decisions that are in favour of people pic.twitter.com/v91fmErLbs

— ANI (@ANI) June 17, 2019

Prime Minister Narendra Modi arrives at the Parliament for 17th Lok Sabha, says, "Every word of the Opposition is important." pic.twitter.com/TxTVzQkOF2

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वहीं टीकमगढ़ से भाजपा सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार ने प्रोटेम स्पीकर की शपथ ले ली है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद वीरेंद्र कुमार ने सोमवार सुबह प्रोटेम स्पीकर के तौर पर शपथ ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें शपथ दिलाई। इसके बाद  पीएम मोदी ने लोकसभा सांसद के रुप में शपथ ली। अगले दो दिनों में सभी 542 सांसदों को शपथ दिलाई जाएगी।

Delhi: BJP MP Virendra Kumar takes oath as the Protem Speaker of the 17th Lok Sabha, at Rashtrapati Bhawan. pic.twitter.com/74wzfKf9uw

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सदन में सबसे ज्यादा युवा और नए चेहरे से लोगों को संसद में रचनात्मक बहस की उम्मीद जगी है। इसके साथ ही सदन की सूरत काफी बदली हुई दिखेगी। संख्या बल के हिसाब से पहली पंक्ति की 20 सीटों में से 13 सीटें एनडीए के हिस्से में आएंगी। 17वीं लोकसभा इसलिए खास होने जा रही है क्योंकि इस बार आधे से अधिक सांसद पहली बार चुनकर संसद पहुंचे हैं। इसमें भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी शामिल हैं। इसके अलावा 147 सांसद दूसरी बार लोकसभा में चुनकर आए हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं। वहीं, 51 सांसद ऐसे हैं जो तीसरी बार चुनकर आए हैं। 2 सांसद ऐसे भी हैं जो 8वीं बार लोकसभा पहुंचे हैं।

17वीं लोकसभा में सांसदों की उम्र देखें तो औसत उम्र 54 साल है। इसमें 25 से 40 साल के करीब 12 फीसदी सांसद हैं। 40 से 55 साल के करीब 41 फीसदी सांसद चुनकर संसद पहुंचे हैं। 56 से 70 साल के सर्वाधिक 42 फीसदी सासंद लोकसभा पहुंचे हैं। 70 साल से अधिक उम्र के सबसे कम 6 फीसदी ही चुनकर आए हैं।

17वीं लोकसभा के विजयी उम्मीदवारों में महिलाओं की कुल संख्या 78 है। महिला सांसदों की अब तक की इस सर्वाधिक भागीदारी के साथ ही नई लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या कुल सदस्य संख्या की 17 फीसदी हो जाएगी। महिला सांसदों की सबसे कम संख्या 28 9वीं लोकसभा में थी। चुनाव आयोग द्वारा लोकसभा की 542 सीटों के लिए घोषित पूर्ण परिणाम के आधार पर सबसे अधिक 40 महिला उम्मीदवार भाजाप के टिकट पर चुनाव जीती हैं। वहीं, कांग्रेस के टिकट पर सिर्फ पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने महिला उम्मीदवार के रूप में रायबरेली से जीत दर्ज की है। सर्वाधिक ओडिशा में 21 में से 8 महिला सांसद हैं, जिसमें से बीजेडी की 6 और भाजपा की दो सांसद हैं।

सांसद  इस बार स्नातक तक पढ़े 394 सांसद संसद पहुंचे हैं। 17वीं लोकसभा में 27 फीसदी सांसदों ने हायर सेकेंड्री तक की पढ़ाई की है, जबकि 43 फीसदी स्नातक हैं। 25 फीसदी पोस्ट ग्रेजुएट और 4 फीसदी सांसदों के पास डॉक्टरेट की डिग्री है। 16वीं लोकसभा में 20 फीसदी सांसदों के पास उच्चतर माध्यमिक की डिग्री थी। बता दें कि 1996 से 75 फीसदी सांसद ग्रेजुएशन की डिग्री लेने वाले लोग चुनकर संसद पहुंचे हैं।

सबसे ज्यादा समाजसेवी और किसान इस बार लोकसभा पहुंचे हैं। 39 फीसद सांसदों ने खुद को राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ता बताया है। वहीं, 38 फीसदी ने अपना पेशा कृषि बताया है। 542 सांसदों में 23 फीसदी व्यवसायी हैं। 4 फीसदी वकील, चार फीसदी डॉक्टर, तीन फीसदी कलाकार और दो फीसदी शिक्षक हैं। कई सांसदों ने बताया है कि उनका पेशा एक से ज्यादा है।

पिछले तीन दशकों से भारतीय चुनावी इतिहास में अपनी पार्टी, राज्य और संसदीय क्षेत्र की आवाज बनने वाले कुछ प्रमुख चेहरे इस बार संसद  में नजर नहीं आएंगे। इनमें प्रमुख हैं भाजपा के लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुमित्रा महाजन, सुषमा स्वराज, हुकुमदेव नारायण यादव, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, कांग्रेस के सदन में नेता रहे मल्लिकार्जुन खड़गे और उपनेता ज्योतिरादित्य सिंधिया।

17वीं लोकसभा में पहली बार सबसे ज्यादा कलाकार संसद में चुनकर आए हैं। इसमें भाजपा की ओर से मथुरा से हेमामालिनी, चंडीगढ़ से किरण खेर, गुरुदासपुर से सनी देओल, गोरखपुर से भोजपुरी अभिनेता रवि किशन चुनकर संसद पहुंचे हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल से मिमी चक्रवती और नुसरत जहां टीएमसी के टिकट पर संसद पहुंची हैं।

सोमवार से शुरू हो रहे 17वीं लोकसभा के सत्र में सदन की सूरत काफी बदली हुई दिखेगी। संख्या बल के हिसाब से पहली पंक्ति की 20 सीटों में 13 सीटें एनडीए के हिस्से में आएंगी। एक सीट लोकसभा उपाध्यक्ष के लिए होगी। बाकी छह सीटों में दो कांग्रेस को और एक-एक द्रमुक, वाईएसआर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के हिस्से में आएगी। बताया जा रहा है कि इस बार केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहली पंक्ति में नजर आएंगे। यह भी बताया जा रहा है कि मल्लिकार्जुन की अनुपस्थित में राहुल गांधी पहली पंक्ति में बैठेंगे।