बेंगलुरूः पश्चिम बंगाल के चिकित्सकों के समर्थन, काम के दौरान सुरक्षा की मांग को लेकर पूरे कर्नाटक के निजी और राजकीय अस्पतालों के करीब 40,000 डॉक्टर, पैरामेडिक्स और नर्स सोमवार को एक दिवसीय हड़ताल पर हैं.राज्य के इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष बी. वीरान्ना ने मीडिया को बताया, "सभी डॉक्टर, नर्स और उनके सहायक कर्मचारी हड़ताल पर हैं. आज के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों के ओपीडी विभाग को बंद रखा गया है. आकस्मिक वार्ड खुले हैं और सिर्फ आपातकालीन सेवा ही उपलब्ध है."

इस दक्षिणी राज्य में 15,000 अस्पतालों में से करीब 2000 सरकार द्वारा संचालित हैं जिनमें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी शामिल हैं जबकि बाकी (13,000) निजी क्षेत्र में हैं. राज्य के राजकीय अस्पतालों में डॉक्टर, नर्स और सहायक कर्मचारियों की भारी कमी पाई जाती है. राज्य भर के शहरों, कस्बों और गांवों में मांग के अनुसार बिस्तरों और अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं की भी कमी है.

पिछले सप्ताह कोलकाता में एनआरएस मेडिकल कॉलेज में अपने डॉक्टर साथियों पर हुए हमले के विरोध में राज्य में डॉक्टर हड़ताल पर है. हालांकि कर्नाटक में डॉक्टरों और नर्सों को उनके खिलाफ दुर्व्यवहार, हमले और हिंसा से बचाने के लिए कानून हैं, लेकिन आधिकारिक उदासीनता के कारण उन्हें सख्ती से लागू नहीं किया जाता है.