बख्शे हम भी न गए, बख्शे हम भी न जाएंगे, वक्त जानता है हर चेहरे को बेनकाब करना। कमलनाथ कैबिनेट दो खेमों में बंट गई है। सिंधिया समर्थक मंत्री अलग खिचड़ी पका रहे हैं। गोविंद सिंह राजपूत ने कहा सीएम को हमें वक्त देना ही होगा। खबर भरपूर लीड बनी। पुलिस हिरासत में मारे गए शिवम मिश्रा को डाक्टर ने हायर सेंटर ले जाने को कहा था। अखबार लिखता है कि पुलिस उसे थाने ले आई। इसके साथ ही छोला पुलिस ने एक युवक को इत्ता पीटा के उसका हाथ टूट गया। ये मामला भी जांच में आया है। भोपाल पुलिस इत्ती भेरियाट क्यों मचा रही है आखिर। स्वच्छ भोपाल कित्ता पलीत हो रिया है इसके 100 फोटो में से तीन फोटो अखबार ने यहां छापे हैं।  झिरी के जंगल में सफारी शुरु होगी। वंदना श्रोती की नायाब खबर।