दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने छात्रों को बड़ा तोहफा दिया है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ऐलान किया कि सरकारी स्कूल के छात्रों को सीबीएसई बोर्ड की फीस नहीं देनी होगी. अभी तक छात्रों को 1500 रुपये सीबीएसई बोर्ड की फीस देनी पड़ती थी. दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में 12वीं कक्षा में टॉप करने वाले छात्रों के सम्मान समारोह के दौरान सिसोदिया ने यह ऐलान किया.

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुख्य अतिथि रहे. दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा शिक्षा विभाग के तमाम अधिकारी और स्कूलों छात्रों के अभिभावकों भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. इसके अलावा सिसोदिया ने यह भी ऐलान किया कि जिस परिवार की सलाना इनकम एक लाख रुपये से कम है, उनको फीस की 100 फीसदी स्कॉलरशिप मिलेगी यानी ऐसे लोग जितनी फीस जमा करेंगे, उनको उतने रुपये स्कॉलरशिप के रूप में वापस मिल जाएंगे.

वहीं, जिन छात्रों के परिवार की वार्षिक इनकम एक लाख रुपये से ढाई लाख रुपये है, उनको फीस की 50 फीसदी रकम स्कॉलरशिप के रूप में वापस मिलेगी. इसके अतिरिक्त जिस परिवार की सलाना इनकम ढाई लाख रुपये से लेकर 6 लाख रुपये तक है, उनको फीस की 25 फीसदी धनराशि स्कॉलरशिप के तौर पर मिलेगा. दिल्ली सरकार के इस फैसले से गरीब छात्रों और मध्यम वर्ग के छात्रों को काफी राहत मिलेगी.

छात्रा की शिकायत पर माफ किया फीस
सिसोदिया ने सरकारी स्कूल के छात्रों की सीबीएसई की फीस माफ करने का ऐलान एक 12वीं कक्षा में अच्छे अंक लाने वाली एक छात्रा की शिकायत पर किया. इस छात्रा ने मनीष सिसोदिया को बताया कि दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को CBSC बोर्ड के लिए 1500 रुपये फीस देनी पड़ती है. इस शिकायत के बाद मनीष सिसोदिया ने मंच से ऐलान किया कि बच्चों को अब सरकारी फीस देने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.