मॉस्को: ईरान ने कहा है कि देश के नेतृत्व के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों से उसके साथ राजनयिक संबंध हमेशा के लिए खत्म हो जायेंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मौसवी ने मंगलवार को यह बात कही। मौसवी ने ट्वीट किया कि देश के सर्वोच्च नेता एवं सैन्य कमांडर के खिलाफ अमेरिका ने जो अनावश्यक नये प्रतिबंध लगाये हैं , उससे ईरान के साथ राजनयिक रिश्ते कायम करने के सारे रास्ते बंद हो जायेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाए। अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खेमनेई और उनकी सेना के आठ शीर्ष सैन्य कमांडर अमेरिका में वित्तीय सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाएंगे।

मौसवी ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शांति बहाली और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने में जुटे हुए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। ट्रम्प के पिछले साल परमाणु वार्ता से अलग होने के बाद से ही दोनों देशों के बीच रिश्तों में तल्खी आ गयी थी जो समय के साथ और गहराती गयी।

हाल के दिनों के ओमान की खाड़ी में तेल टैंकर पर हमला और ईरान द्वारा उसके एक टोही विमान मार गिराये जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव ने विस्फोटक रूप ले लिया। ट्रम्प ने सोमवार को नये प्रतिबंध लगा दिये। उन्होंने वित्त सचिव स्टीवन मेनुचिन की उपस्थिति में प्रतिबंध लगाने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। ट्रम्प ने कहा कि टोही विमान मार गिराये जाने के बाद यह फैसला लिया। इससे पहले ट्रम्प ने शुक्रवार को ईरान पर हमला करने के भी आदेश दिए थे लेकिन यह कहते हुए 10 मिनट पहले आदेश वापस ले लिया कि इससे करीब 150 आम नागरिक मारे जाते।

नये प्रतिबंध के लिए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि हम ईरान को कभी परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे। हमने अब तक इस मामले में काफी संयम दिखाया, लेकिन आगे ईरान पर दबाव बनाए रखेंगे।अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए ब्रिटेन,फ्रांस और जर्मनी ने दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत बातचीत के लिए आगे आने का आग्रह किया है।