पथरी की समस्या इतनी आम हो गई है कि आज हर 10 में से 6 लोग इसके शिकार है जिसमें हर आयु वर्ग के लोगों शामिल हैं। यह किडनी (गुर्दे) या पित्ते, दोनों में ही हो सकती है। पथरी से ग्रस्त व्यक्ति को असहनीय दर्द से भी गुजरना पड़ता है। वही गॉल ब्लैडर यानि पित्ते में पथरी के लिए मरीज के पास सर्जरी के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं रहता जबकि गुर्दे की पथरी, कुछ परहेज और दवाओं के जरिए मूत्र राही बाहर निकाली जा सकती है।

क्यों तेजी से बढ़ रही है पथरी की समस्या
पथरी बनने का सबसे बड़ा कारण हमारा बिगड़ा लाइफस्टाइल ही है। खाने-पीने से जुड़ी गलत आदतें ही इसकी प्रमुख वजह है। साथ ही जो लोग शारीरिक श्रम कम करते हैं उन्हें भी यह समस्या हो जाती है।

कैसे बनती हैं पथरी
गुर्दे की पथरी का कोई निश्चित कारण नहीं है। गुर्दे की पथरी तब बनती है जब आपके मूत्र में अधिक क्रिस्टल बनाने वाले पदार्थ होते हैं - जैसे कैल्शियम, ऑक्सालेट और यूरिक एसिड - आपके मूत्र के जरिए शरीर से बाहर नहीं निकलते। वहीं पित्त की पथरी की समस्या उन लोगों को होती हैं जो घंटों एक ही जगह बैठे रहते हैं और एक्सरसाइज नहीं करते पानी कम पीते हैं। जिससे प्रोटीन कैल्शियम शरीर के अंदर ही जमा होने लगता है जो बाद में पथरी का रुप ले लेता है। कई लोगों को यह वहम होता है कि शायद दाल या चावल के कंकर शरीर के अंदर जाने से पथरी बन जाती हैं लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। पथरी ज्यादातर बाहर की तली-भुनी और मसाले वाली चीजें खाने से भी होती है।

शरीर में पथरी होने के संकेत
-कमर या बाजू में तेज दर्द।
-मूत्र में रक्त का आना।
-उल्टी और मतली होना।
-पेशाब के दौरान जलन।
-हर वक्त यूरिन का प्रैशर बना रहना।
-इंफेक्शन होने पर बुखार और ठंड लगना।

लाइफस्टाइल में कुछ नियम फॉलो करके आप अपने आपको पथरी की समस्या से बचा सकते हैं। चलिए आज हम आपको इसी के बारे में बताते हैं।

भरपूर पानी पिएं
पानी का सेवन न करने से बॉडी हाइड्रेट हो जाती है। जिससे शरीर में कैल्शियम साल्ट का संघनन बढ़ने लगता है। यही एक मुख्य कारण है जिसकी वजह से इतने लोग शरीर में पथरी की बिमारी से पीड़ित हैं। जब भी घर से बाहर निकलें तो पानी की बॉटल को अपने साथ लेकर ही जाएं। साथ ही ज्यादा चाय-कॉफी का सेवन करने से भी बचें।

खाने में नमक कम लें
आप जितना अधिक नमक का सेवन करेंगे उतना ही यूरिन में सोडियम की मात्रा का बहाव बढ़ जाता है। आप जब यूरीन पास करते हैं तो यूरीन अपने साथ बॉडी में मौजूद कैल्शियम को भी साथ ले आता है, जिस वजह से किडनी में पथरी की समस्या हो जाती है। पित्ते में पथरी कोलेस्ट्रॉल या बिलीरुबिन की मात्रा अधिक होने से बनती है।

कैल्शियम का सेवन सही वक्त पर करें
आपने अक्सर लोगों को कहते हुए सुना होगा कि कैल्शियम खाने से उन्हें पथरी की शिकायत हो गई। कैल्शियम को कभी भी रात को नहीं खाना चाहिए। हमेशा दोपहर के समय आप इनका सेवन कर सकते हैं। कैल्शियम टेबलेट खाने के बाद सोएं बिल्कुल नहीं। कोशिश करें चलते-फिरते रहें। असल में कैल्शियम की दवा पचने में समय लगाती है इसीलिए दिन के समय में ही कैल्शियम खाएं।

अधिक दवाइयां लेने से बचें
जो लोग अधिक दवाइयों का सेवन करते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा पथरी की प्रॉब्लम होती है। बेहतर होगा कि सप्लीमेंट्स लेने की बजाए पोषक तत्वों भरपूर फल जैसे कि केला, आम, सेब, आलू-बुखारे जैसे फलों का सेवन करें।

मांसाहारी भोजन कम खाएं
यदि आप बहुत ज्यादा रेड मीट, अंडे या फिर सी फूड खाते हैं तो आपको भी इस प्रॉब्लम से आपको भी गुजरना पड़ सकता है। ये सब चीजें यूरिक एसिड का स्तर बढ़ाती हैं और इससे किडनी की पथरी हो सकती है। इसलिए जितना हो सके शाकाहारी भोजन को अपने आहार में शामिल करें।

आर्युवेदिक तरीके से ठीक करें पथरी की प्रॉब्लम
-असमरिहर रस और असमरिहर कवाथ किडनी स्टोन को बाहर निकालने में मदद करता है।
-दिन में 7 से 8 गिलास पानी पिएं।
-रोजाना सुबह 5 से 10 मिनट तक कपालभाती करने से भी किडनी में से पथरी निकल जाती है।
-पित्ते की पथरी के लिए पत्थर चट्ट के पत्ते सुबह शाम लेने से आपको पथरी के दर्द से राहत मिलेगी। आप चाहें तो साथ में असमरिहर पाउडर का भी सेवन कर सकते हैं।