शिवराज सरकार भी भारी कर्जे में चल रही थी और कमलनाथ सरकार बाजार से 1 हजार करोड़ का कर्ज उठाने वाली है। पत्रिका विशेष की खबर ध्यान खींचती है। यहीं कैलाश विजयवर्गीय के दौर में हुए पेंशन घोटाले का प्रतिवेदन भी गायब होने वाली खबर सेट हो गई। नागरिक आपूर्ति निगम के करप्ट प्रबंधक सलमान हैदर के पास करोड़ों की संपत्ति निकली। बड़े तालाब का सौंदर्य निखरने वाली खबर में भाई जान कमसे कम तालाब का वाटर लेवल और तकिया टापू तक आने की कहानी भी तो लिख देते। कोटरा हाट का मसला हल ही नहीं हो रहा। यहीं भोपाल के मास्टर प्लान के फ्रीज होने वाली खबर भी भेतरीन आई।