भोपाल : कमला नगर थाना क्षेत्र की मांडवा वस्ती में हुए रेप और हत्या के आरोपी विष्णु प्रसाद को कोर्ट ने आज फांसी की सजा सुना दी। सजा सुनते ही विष्णु प्रसाद कटघरे में गुमसुम हो गया और अपनी आंखें बंद कर ली। फैसले के दौरान मासूम की मां और बहन भी कोर्ट में मौजूद थे।

 

पूर्वाह्न 11:30 बजे कोर्ट पहुंच गया था आरोपी
जिला अदालत में आज करीब 11.30 बजे कोर्ट में आरोपी विष्णु प्रसाद को कटघेरे में लाया गया। उस दौरान मासूम की मां, बहन और एक बच्चा भी मौजूद था। इस दौरान जज न्यायधीश कुमुदनी पटेल ने मासूम की मां और बहन से पूछा की सजा में आप लोग क्य चाहते हैं, इस पर मां बोली उनकी बेटी ने बहुत दर्द और तकलीफ सही है, इसलिए दरिंदे को सिर्फ फांसी की सजा ही दी जाए। इसके बाद भी मासूम की बहन ने भी जज से फांसी के लिए कहा। उस दौरान आरोपी विष्णु चुपचाप खड़ा रहा, और जज ने भी उससे कुछ नहीं पूछा। इसके बाद जज ने फैसला सुनाते हुए इतने गंभीर मामले में उसे सिर्फ फांसी की सजा ही दी जा सकती है, और उसे फांसी देने का एलान किया।

जज कुमुदनी पटेल बोलीं, ऐसे लोगों को फांसी देना जरूरी
न्यायधीश कुदुमनी पटेल ने आरोपी को सजा सुनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को फांसी की सजा देना जरूरी है। जिससे की मासूम बच्चियां खुले में सांस ले सके, इसलिए उसे फांसी दी गई है। क्योंकि इस फैसले से ऐसा कृत्य करने से लोग दस बार सोचे।

सजा के डर से रात भर करवटें बदलता रहा
आरोपी विष्णु प्रसाद को भोपाल की सेंट्रल जेल में रखा गया है। उसे मंगलवार को ही कोर्ट में बता दिया गया था कि उस पर लगे आरोप साबित हो चुके हैं, इसलिए उसे दूसरे दिन सजा सुनाई जाएगी। बैरक में उसे पूरी रात नींद नहीं आई और करवटे बदलता रहा। सुबह होने पर उसने नाश्ता तक नहीं किया सिर्फ चाय पीकर जेल वाहन में बैठकर कोर्ट पहुंच गया। सजा सुनते ही वह गुमसुम हो गया है, और मीडिया के सामने भी कुछ नहीं बोला।

आरोपी ने खुद मांगी थी फांसी की सजा
मामले के आरोपी विष्णु ने कोर्ट में कहा था कि मुझसे गलती हो गई। आप मुझे फांसी दे दीजिए मैडम। मैं नशे में था, मुझसे गलत काम हो गया। जज कुमुदिनी पटेल ने विष्णु से पूछा था कि पुलिस को कोई मेमोरेंडम दिया है? तो विष्णु ने कहा-नहीं। इस दौरान वह कोर्ट में जज के सामने ही रोने लगा था।

8 साल में 39 को फांसी, लगी किसी को नहीं
प्रदेश में 2012 से अब तक 39 अपराधियों को मृत्युदंड की सजा दी गई। इसमें से 23 केस सुप्रीम कोर्ट में अपील में हैं। वहीं, 20 प्रकरणों पर स्पेशल लीव पिटीशन चल रही है। वहीं, तीन प्रकरण स्पेशल लीव पिटीशन फैसले के बाद फिर से रिव्यू पिटीशन चल रही है।

क्या है पूरा मामला
8 जून को कमला नगर थाना क्षेत्र की मंडवा बस्ती में नौ साल की मासूम बच्ची का अपहरण कर पड़ोसी विष्णु प्रसाद ने ज्यादती करने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। दूसरे दिन उसकी लाश नाले के पास फेंककर वह भाग गया था। बाद में पुलिस ने खंडवा जिले के मोरटक्का गांव से गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले को लेकर जमकर राजनीति हुई थी, और पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया था।

इन आरोपों के तहत कोर्ट ने माना दोषी
कोर्ट ने आरोपी विष्णु बामोरे को बच्ची के साथ ज्यादती, अप्राकृतिक कृत्य और उसके बाद हत्या की धाराओं में दोषी माना है। कोर्ट ने आरोपी को 363, 366, 376, 377 302 और 201 धाराओं में दोषी माना है।