विधानसभा में अखबार और न्यूज चैनलों के कैमरामेनों के प्रवेश को एक हद तक मेहदूद करने के फैसले से इस तबके में भारी नाराजगी है। पुरानी व्यवस्था में ये कैमरामेन नेताप्रतिपक्ष से लेकर विस अध्यक्ष के  चेंबर और विधान सभा के मेन गेट जहां से मंत्री और विधायक आते जाते हैं, वहां तक पहुंच कर कवरेज कर लिया करते थे। बजट सत्र के पहले दिन से ही कैमरामेनों को उनकी हद बता दी गई। इस नए इंतजाम से नाराज ये सभी वीडियो जर्नलिस्ट कल विस परिसर में अपने कैमरे डाउन करके धरने पर बैठ गए थे। तभी वहां से गुजर रहे कांग्रेस के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की नजर उनपे पड़ी। सिंधियाजी बड़ी सादगी से  वीडियो जर्नलिस्टों के साथ ही जमीन पे बैठ गए। उनकी बात सुनी और जल्द-अज-जल्द इस मुआमले का हल निकालने का वादा किया। जब उने पता चला के विधान सभा का कवरेज कर रहे एक वीडियो जर्नलिस्ट जाहिद खान को सीवियर हार्ट अटैक आया है तो वो सीधे हमीदिया अस्पताल जाहिद को देखने पहुंच गए। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री तुलसी सिलावट भी थे। सिंधिया ने कैमरामेन की तबियत पूछी और डाक्टरों को इलाज की हिदायत दी। साथ ही कैमरापर्सन की हर मुमकिन मदद करने की बात भी उन्ने की। नेताजी के  इस कदम से अब इन पत्रकारों को उम्मीद बंधी है कि इंशाअल्ला समस्या का हल जल्द निकलेगा।