दक्षिण भारतीय व्‍यंजनों में विशेष रूप से इस्‍तेमाल होने वाला सहजन जिसे अंग्रेजी में मोरिंगा के नाम से जाना जाता है, अपने औषधीय गुणों के कारण खास माना जाता है। आयुर्वेद में तो सहजन के पूरे पेड़ को ही औषधीय माना जाता है। इसकी पत्तियों से बनी चाय ( Moringa Tea )  डायबिटीज के मरीजों से लेकर वजन घटाने के शौकीन लोगों के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है।

सहजन के फायदे
सहजन की सूखी पत्तियों के 100 ग्राम पाउडर में दूध से कई गुना अधिक कैल्शियम और पालक से 25 गुना अधिक आयरन होता है। इसमें गाजर से 10 गुना अधिक बीटा-कैरोटीन होता है, जोकि आंखों, स्किन और इम्यून सिस्टम के लिए बहुत बेहतर माना जाता है। एंटी-फंगल, एंटी-वायरल, एंटीडिप्रेसेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुणों के कारण इसका इस्तेमाल डायबिटीज के मरीजों से लेकर वजन घटाने तक को नियंत्रित करने के लिए भी किया जा रहा है।

ऐसे बनाएं सहजन की चाय यानि मोरिंगा-टी
सहजन की चाय के लिए सहजन की पत्तियों का इस्‍तेमाल किया जाता है। इसकी पत्तियों में प्रोटीन, विटामिन B-6, विटामिन-C, विटामिन-A, विटामिन-E, आयरन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं।

साथ ही इनमें कैल्शियम भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है।

आजकल बाजार में बहुत आराम से सहजन की पत्तियों का पाउडर मिल जाता है। फि‍र भी अगर आप सेहत के मामले में किसी पर भरोसा नहीं करना चाहते हैं तो इस पाउडर को आप घर में भी बना सकते हैं। सहजन की ताजी पत्तियों को छाया में सुखा लीजिए। फि‍र इन सूखी पत्तियों को ग्राइंडर में पीस कर एक एयर टाइट कंटेनर में स्टोर करके रख लें। सहजन की चाय बनाने के लिए आपको एक चम्‍मच पाउडर को पानी में उबालना है और पीना है। आप चाहें तो रोज या फि‍र हर दूसरे दिन इस चाय को पी सकते हैं।

सहजन की चाय के अन्य फायदे
वजन कम करती है
सहजन की चाय शरीर की कोशिकाओं में अनावश्यक जल को कम करती है। इसमें मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटोरी गुण शरीर की सूजन कम करते हैं। फाइबर से भरपूर सहजन की चाय शरीर में फैट कम करने में मदद करती है। इंसुलिन रेजिस्टेंस कम कर सहजन की चाय शरीर में अनावश्यक फैट जमने से रोकती है।

बढ़ाती है इम्‍यूनिटी पॉवर
बारिश के मौसम में यह चाय रोगप्रतिरोधक क्षमता बढा़कर सर्दी-जुकाम होने से रोकता है। यहां तक कि एड्स के रोगियों के ईलाज के वक्त इस्तेमाल होने वाली दवाइयों में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है।

बेहतर करती है पाचन
सहजन की चाय पेट की सभी समस्याओं को दूर करती है। फाइबर की वजह से यह कब्ज दूर करने में भी फायदेमंद होती है। जिन बच्चों के पेट में कीड़े होते हैं उन्हें भी इस चाय का सेवन कराया जा सकता है।