राजनीतिक संवाददाता, भोपाल : संगठन चुनाव में उम्र का बंधन भाजपा के सीनियर नेताओं के लिए पद छोड़ने को मजबूर करने वाला साबित होगा। इस फैसले पर अमल की शुरुआत कल से शुरू होने वाले मंडल चुनावों से हो रही है। मंडल व जिला अध्यक्ष के इसी माह होने वाले चुनावों में दोनों ही पदों की जिम्मेदारी निभा रहे अस्सी फीसदी नेताओं को अब पद छोड़ना होगा। इसका सबसे अधिक नुकसान पचास साल की उम्र पार कर चुके उन जिला अध्यक्षों को होगा जो जिले के माध्यम से प्रदेश संगठन के सीधे संपर्क में रहते आए हैं।

भाजपा में संगठन चुनाव के  दूसरे और तीसरे चरण की प्रक्रिया इसी माह पूरी होनी है। नए जिला अध्यक्षों का चुनाव भी प्रदेश चुनाव अधिकारी के निर्देश पर इसी माह के अंतिम सप्ताह में कराया जाना है। इन चुनावों का सबसे अधिक नुकसान जिला स्तर पर संगठन के  माध्यम से दबदबा बनाए रखने वाले उन नेताओं को होना है जो 50 प्लस की उम्र में शामिल हो चुके हैं। केंद्रीय संगठन ने जिला अध्यक्ष की उम्र का बंधन 45 साल रखा है और विशेष परिस्थिति में इसे 50 साल तक किया जा सकता है। ऐसे में 80 फीसदी जिला अध्यक्षों का हटना तय हो गया है। प्रदेश चुनाव अधिकारी हेमंत खंडेलवाल और सह चुनाव अधिकारी विजेश लुनावत ने पार्टीलाइन के आधार पर ही रायशुमारी से जिला व मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के निर्देश जिला चुनाव अधिकारियों को दिए हैं क्योंकि वे सीधे संगठन चुनाव अधिकारी को रिपोर्ट करते हैं।

बाहर होने वाले नेताओं में ये होंगे
जो नेता उम्र के क्राइटेरिया के चलते संगठन की जिला अध्यक्षी से बाहर होंगे, उनमें इंदौर से गोपी नेमा, भोपाल ग्रामीण से गोपाल सिंह मीणा, जबलपुर शहर से जीएस ठाकुर, ग्वालियर शहर के देवेश शर्मा, ग्वालियर ग्रामीण धीरेंद्र जैन, भिंड के नाथूसिंह गुर्जर, दतिया के सुरेंद्र भदौरिया, मुरैना के केदार सिंह यादव, शिवपुरी के सुशील रघुवंशी, श्योपुर के डॉ. गोपाल आचार्य, धार के डॉ. राज बर्फा, रीवा के विद्या प्रकाश श्रीवास्तव, सीधी के डॉ. राजेश मिश्रा, सिंगरौली के गोयल, शहडोल के इंद्रजीत छाबड़ा, सतना के नरेंद्र त्रिपाठी, खरगोन के परशुराम समेत अन्य शामिल हैं। पन्ना के सदानंद गौतम दो बार जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। इसलिए उनका हटना तय है।

मंडलों से भी होगी छुट्टी: मंडल चुनाव के लिए भाजपा ने 35 साल का क्राइटेरिया रखा है जो विशेष परिस्थिति में 40 साल तक लागू किया जा सकेगा। ऐसे में पचास से सत्तर साल की उम्र के नेता जो स्थानीय स्तर पर मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाते रहे हैं, उनकी छुट्टी हो जाएगी और युवाओं को मौका मिलेगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अस्सी प्रतिशत से अधिक मंडल अध्यक्ष बदल जाएंगे।

BJP में कल से मंडलों में एडजस्ट होंगे 61 हजार नेता, कार्यकर्ता
भोपाल, ब्यूरो। संगठन चुनाव की दूसरी कड़ी में बीजेपी 9 व 10 नवम्बर को करीब एक हजार मंडलों में चुनाव कराने जा रही है। इन चुनावों के जरिये मंडलों में 61 हजार नेताओं को पद और कार्यकारिणी सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य व अन्य रूपों में एडजस्ट करने का काम किया जाएगा। एक मंडल में अध्यक्ष समेत 61 लोगों को शामिल किया जाएगा।

मंडल चुनाव के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी आज जिलों में पहुंचे हैं और वे मंडलों में चुने जाने वाले संभावित दावेदारों के नाम को लेकर जिले के वरिष्ठ नेताओं से मशविरा कर रहे हैं। इसके बाद वे कल मंडल स्तर पर फिर मशविरा करेंगे। इसके बाद प्रदेश संगठन पदाधिकारियों को उन नामों की जानकारी दी जाएगी जो रायशुमारी में सामने आए हैं। फिर मंडल अध्यक्ष चुनाव की घोषणा की जाएगी। संभागीय बैठकों के माध्यम से प्रदेश संगठन पदाधिकारियों ने विधायकों, वरिष्ठ नेताओं को पहले ही पूरी प्रक्रिया से अवगत करा दिया है। उधर चुनाव में खास बात यह है कि बूथों की संख्या के आधार पर नए मंडलों के गठन की कवायद के बीच आज शाम तक नए बनने वाले बूथों की संख्या फाइनल हो जाएगी। इन बूथों पर भी आगामी दो दिनों में चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि अभी 864 मंडल हैं और नई व्यवस्था में करीब डेढ़ सौ मंडल बढ़ जाएंगे।