भारतीय खाने के स्वाद व सुंगध को बढ़ाने के लिए तेजपत्ते का बहुत इस्तेमाल किया जाता है। तेजपत्ता न केवल खाने के लिए बल्कि आयुर्वेदिक औषधि के तौर पर भी बहुत अधिक फायदेमंद होता है। यह शरीर में कई तरह की बीमारियों को दूर करने में मदद करता है। इससे बनने वाले तेल का इस्तेमाल एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी इंफ्लामेट्री और पेन रिलीविंग बाम और जेल में किया जाता है। चलिए बताते है किस तरह से आप तेज पत्ते से काढ़ा बना सकते है व इसका क्या फायदा होता है।

यूं बनाएं काढ़ा
तेजपत्ता में कॉपर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, सेलेनियम, आयरन की काफी मात्रा पाई जाती है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स कैंसर, ब्लड क्लॉटिंग व दिल की बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं।

साम्रगी
10 ग्राम अजवायन
10 ग्राम सौंफ
10 ग्राम तेजपत्ता

विधि
इन 3 चीजों को पीस कर एक लीटर पानी में उबाल लें। जब यह पानी 100 से 150 ग्राम रह जाए आंच से उतार कर ठंडा कर इसका सेवन करें।

फायदे
कमर दर्द
एक घंटे के अंदर ही यह काढ़ा तेज कमर दर्द को कम कर राहत दिलाएगा। दर्द अधिक होने पर आप तेज पत्ते के तेल की भी मालिश कर सकते हैं।

मोच
मोच के कारण हो रही दर्द व सूजन को कम करने मेें यह काढ़ा काफी फायदेमंद होता है। इस काढ़े के साथ ही आप तेज पत्ते व लौंग को एक साथ पानी में डाल कर पीस कर लेप बना लें। इसे मोच वाली जगह पर लगाएं इससे बहुत ही जल्द आराम मिलेगा।

नसों में सूजन
नसों में सूनज होने पर न केवल तेज दर्द होता है इससे रुटिन का काम भी काफी प्रभावित होता है। कई बार यह नसों में खिंचाव, चोट या नसों पर दबाव के कारण भी हो सकती है। ऐसे मेें काढ़े से नसों की सूजन में काफी राहत मिलती है। इसके साथ ही आप दालचीनी, लौंग और तेजपत्तों को थोड़े से पानी में मिलाकर पीस लें और लेप को दर्द वाली जगह पर लगा लें।