नई दिल्ली: Amazon और Flipkart के लिए ग्राहकों हो भारी छूट देना गले ही हड्डी बन गई है. भले ग्रेट इंडिया सेल जैसे लोक-लुभावन प्रोग्राम से अमेजन और फ्लिपकार्ट ने खूब मुनाफा कमाया हो और ग्राहकों को भी फायदा मिला हो. लेकिन अब यही छूट एक समस्या बन गई है. दिल्ली व्यापार महासंघ की शिकायत पर कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया - Competition Commission of India (CCI) ने बिक्री मूल्य में भारी छूट और पसंदीदा विक्रेताओं के साथ गठजोड़ समेत अन्य गड़बड़ी मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं. CCI की टीम दोनो कंपनियों की पर लगे आरोपों की जांच करेगी.

 

कंपीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया के अनुसार दिल्ली व्यापार महासंघ द्वारा लगाए गए आरोप गंभीर लग रहे हैं. इस पर जांच करने की जरूरत है. ऐमजॉन और फ्लिपकार्ट की ओर से दी जा रही कथित भारी छूट दिया जाना, कुछ विक्रेताओं को (ई-मार्केट) प्लैटफॉर्म पर जोड़ने में तरजीह देना और उनके साथ विशेष समझौते का उपयोग क्या प्रतिस्पर्धा को रोकने की चाल है और क्या इसका प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

शिकायत करने वाले महासंघ में बड़ी संख्या में स्मार्टफोन विक्रेता है. इनका आरोप है कि कंपनी ने कुछ खास विक्रेताओं के साथ सांठ-गांठ किया है. साथ ही मोबाइल फोन अपने बाजार कीमतों से बेहद कम मुल्य में बेचे गए. फौरी तौर पर इसमें कुछ गलत नहीं दिखता. लेकिन अगर ध्यान से देखा जाए तो दाम घटा कर ज्यादा से ज्यादा यूनिट बेचकर भारी मुनाफा कमाया गया. आयोग ने एक आदेश में कहा कि मोबाइल फोन ब्रैंड और ई-कॉमर्स मंचों के बीच विशेष व्यवस्था के साथ-साथ ई-कॉमर्स कंपनियों के कुछ चुनिंदा विक्रेताओं को तरजीही देने के आरोपों के आधार पर जांच का यह आदेश दिया गया है।

अमेजन और फ्लिपकार्ट के प्रवक्ताओं का कहना है कि दोनो कंपनियां सभी मानकों का ध्यान रखती हैं. कंपनियां आरोपों के जांच के लिए तैयार हैं.