रायपुरः छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सोमवार को मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो कमांडो शहीद हो गए। मुठभेड़ में एक अधिकारी सहित छह जवान घायल भी हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ में एक नक्सली भी मारा गया। पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी ने बताया कि पमेड थाना अंतर्गत इरापल्ली गांव के जंगल में सुबह करीब साढ़े दस बजे उस समय मुठभेड़ शुरू हुई, जब सुरक्षाबल नक्सल रोधी अभियान चला रहे थे। यह जगह रायपुर से करीब 400 किलोमीटर दूर है। उन्होंने बताया कि रविवार को सुकमा और बीजापुर जिलों में सुरक्षाबलों की अलग-अलग टीमों ने अभियान शुरू किया। इसमें करीब 800 जवान शामिल थे।

अधिकारी ने बताया कि सीआरपीएफ की 151 वीं और कोबरा की 204 वीं बटालियन के जवान तिप्पापुरम शिविर से रविवार शाम सुकमा-बीजापुर जिलों की सीमा के पास जंगल में अभियान पर निकले थे । सोमवार सुबह गश्ती टीम ने इरापल्ली के पास एक माओवादी शिविर का पता लगाया और जब वह जंगल में आगे बढ़ रही थी तो नक्सलियों ने गोलियां चला दीं जिसके बाद मुठभेड़ हुई। अधिकारी ने बताया कि दो घंटे तक मुठभेड़ होती रही जिसके बाद नक्सली घने जंगल में भाग गए। उन्होंने कहा, ‘‘दो कांस्टेबल- विकास कुमार और पूर्णानंद साहू मुठभेड़ में शहीद हो गए और एक अधिकारी सहित छह कर्मी घायल हो गए।''

पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि कुमार उत्तर प्रदेश के बांदा के निवासी थे जबकि साहू छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव के निवासी थे। अधिकारी के मुताबिक मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया। नक्सली के शव के पास से एक हथियार बरामद हुआ है। उसकी पहचान की जा रही है। उन्होंने बताया कि सीआरपीएफ के घायल कर्मियों की पहचान उप कमांडेंट प्रशांत कुमार, हेड कांस्टेबल अजित सिंह और कांस्टेबल गिरिवर उरांव, पी पवन कुमार, बिभा बसु महाता और पवार पांडुरंग के तौर पर हुई है।

शहीद कांस्टेबल और घायल कर्मी सीआरपीएफ की विशिष्ट इकाई कमांडो बटालियन फॉर रिजोल्यूट एक्शन (कोबरा) की 204 वीं बटालियन से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि घायल कर्मियों को उपचार के लिए विमान से राज्य की राजधानी रायपुर ले जाया गया।