नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने सोमवार को लोकसभा में विवादास्पद नागरिकता (संशोधन)विधेयक 2019  पेश किया. विपक्षी दलों ने इसे बुनियादी तौर पर असंवैधानिक बताया और भारतीय संविधान के अनुच्छेद-14 का उल्लंघन करार देते हुए विधेयक पर कड़ी आपत्ति जताई. विधेयक की वैधानिकता पर एक घंटे की बहस हुई, जिसमें जांचा-परखा गया कि विधेयक पर चर्चा हो सकती है या नहीं. निचले सदन में इसके पक्ष में 293, जबकि विपक्ष में कुल 82 मत पड़े. विधेयक के बारे में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्षी नेताओं के आरोपों को खारिज कर दिया.

उन्होंने कहा, 'मैं विश्वास दिलाता हूं कि विधेयक भारतीय संविधान के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन नहीं करता है और किसी भी नागरिक को उनके अधिकारों से वंचित नहीं किया जाएगा.' शाह ने कहा, 'प्रत्येक नागरिक को उचित वर्गीकरण के आधार पर विधेयक में जगह दी गई है.'

नागरिकता (संशोधन)विधेयक 2019 की बहस के बीच हम आपको बता रहे हैं कि भारत में दूसरे देशों से आए लोगों के लिए कितने शरणार्थी कैंप चल रहे हैं. इस सूची में सबसे पहला नाम पाकिस्तान का है. पाकिस्तान के सबसे ज्यादा शरणार्थी भारत में रह रहे हैं. हालांकि श्रीलंका से आए काफी शरणार्थी भी भारत में रह रह हैं.

भारत में 62,000 शरणार्थी श्रीलंका के हैं.

1 लाख शरणार्थी तिब्बत के रहते हैं.

म्यांमार के 36,000 शरणार्थी हैं.

अन्य देश के करीब 2 लाख शरणार्थी रहते हैं.

पाकिस्तान हिंदू शरणार्थियों के लिए 400 कैंप देश में हैं.

श्रीलंका और अन्य देश के शरणार्थियों के लिए 110 कैंप हैं.

तिब्बती शरणार्थियों के लिए 39 कैंप देश में हैं.