लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महाराष्ट्र के चुनावी दौरे के बाद शनिवार को लखनऊ वापस लौटे. बताया जा रहा है कि सीएम योगी आदित्यनाथ कल  रविवार को सुबह कमलेश तिवारी के परिजनों से मुलाकात करेंगे. सीएम योगी कल 11 बजे कमलेश तिवारी के परिजनों से 5, कालिदास मार्ग पर स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात करेंगे. इससे पहले कमलेश तिवारी हत्याकांड  पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त लहजे में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कमलेश तिवारी हत्याकांड को लेकर कहा था कि कमलेश तिवारी की हत्या प्रदेश में दहशत और भय का माहौल फैलाने के लिए की गई. योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि कमलेश तिवारी हत्याकांड से जुड़े किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा था कि हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी को निर्देशित कर दिया गया है.

सीएम योगी ने कहा था कि मामले में लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा था कि यूपी से दो लोगों और गुजरात से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा था कि प्रशासन को मामले में उचित कार्वारवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं. सीएम योगी ने कहा था कि इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने के आदेश दे दिए गए हैं. भय और दहशत पैदा करने वाले जो भी तत्व होंगे, सख्ती के साथ उनके मंसूबों को कुचलकर रख देंगे. इस प्रकार की किसी भी वारदात को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा. जो भी इस घटना में शामिल होगा, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.

सीएम योगी ने कहा कि हत्यारे कमलेश तिवारी के घर पहुंचे और उनके साथ बातचीत की. कमलेश तिवारी के साथ चाय पी. कुछ देर में उनके बेटे और सुरक्षागार्ड को कुछ सामान लाने बाजार भेजा. इसके बाद कमरे में जब वे अकेले हो गए तो उनकी हत्या कर दी गई.

वहीं, कमलेश तिवारी के परिजन ने शनिवार को उनका अंतिम संस्कार कर दिया. प्रशासन द्वारा परिजनों की 9 मांगों के माने जाने के बाद कमलेश तिवारी के परिजन मृतक के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए. लखनऊ मंडल के कमिश्नर मुकेश मेश्राम और डीएम सीतापुर अखिलेश तिवारी ने तिवारी के परिवार को लिखित आश्वासन दिया है.

कमलेश तिवारी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. मृतक कमलेश तिवारी परिजनों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. मृतक के परिजनों ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी सरकार हिंदूवादी नेताओं की हत्या करा है. उन्होंने कहा कि कमलेश तिवारी को लगातार धमकी मिल रही थी. कई बार प्रशाशन से इसकी शिकायत की गई. धमकी मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ाने की बजाए घटा दी गई. उन्होंने शासन और प्रशासन दोनों को कमलेश की हत्या के लिए जिम्मेदार बताया है.

कमलेश तिवारी हत्या मामले में पुलिस ने बिजनौर के दो मौलानाओं मोहम्मद मुफ़्ती नसीम काज़मी और इमाम मौलाना अनवारुल हक के खिलाफ 302 यानी हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. आरोपियों ने कमलेश का सिर कलम करने पर 1.5 करोड़ का ईनाम रखने का आरोप है.