सिगरेट पीने से शरीर को की तरह के नुकसान का सामना करना पड़ता है। शायद ही कोई इस बात से अनजान होगा कि इसका सेवन करने से फेफड़ों के सड़ने, गलने की शिकायत का सामना करना पड़ता है। मगर ऐसे में आपकी यह गलत आदत आपके शरीर के साथ-साथ आपके आसपास के लोगों को भी भारी नुकसान पहुंचाने का काम करती है। जैसे कि सभी जानते ही है इस समय पूरी दुनिया में कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। यह असल इस वायरस के पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। ऐसे में सिगरेट का सेवलन करने से उसका धुआं काफी देर तक हवा में मौजूद रहने से यह दूसरों को भी अपनी चपेट में लेने का काम करता है। तो चलिए सबसे पहले जानते है कोरोना वायरस के चलते सिगरेट पीना कैसे है ज्यादा नुकसानदायक...

क्यों है कोरोना वायरस में सिगरेट पीना गलत?
इस वायरस से पीड़ित लोगों में आम सर्दी- जुकाम जैसे लक्षण पाएं जा रहें। ऐसे में अगर कोई छींकता या खांसता है तो उसके प्रभाव हवा में 3-4 घंटों तक बना रहता है। ऐसे में स्वस्थ व्यक्ति इसके संपर्क में आकर इस वायरस का शिकार हो रहा है। इसी तरह हम सिगरेट की बात करें तो सिगरेट पीने से इससे निकलने वाला धुआं उस व्यक्ति के साथ उससे आसपास के लोगों को भी बीमार करने का काम करता है. इसके साथ ही यह हानिकारक धुआं लंबे समय तक हवा में घूमता रहता है। ऐसे में उस जगह पर आने वाले बाकी के लोग भी इससे प्रभावित होते है।

कैसे है आपके आपके परिवार के लिए हानिकारक?

  • इसके सेवन से इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। ऐसे में बीमारियों से लड़ने की शक्ति कम होती है। इसके साथ ही इसके धुंए के संपर्क में आने वाला व्यक्ति भी इससे प्रभावित होेता है।
  • इससे आंत और फेफड़ों का कैंसर होने के चांचिस बढ़ते है।
  • इसके गंदे और तेज धुएं को सहन करना मुश्किल होता है। ऐसे में आपके घर-परिवार के सदस्यों या अन्य लोगों को सांस से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
  • सिगरेट के सेवन से पाचन तंत्र कमजोर होता है।
  • सिगरेट पीने वाले व्यक्ति के साथ दूस को भी फेफड़ों के खराब होने के खतरे का सामना करना पड़ता है।
  • सिगरेट का धुंआ शरीर में जाने से कैंसर होने का खतरा बढ़ता है।
  • इसके साथ सिगरेट पीने के बाद हाथ न धोने से उनपर कीटाणु जमा हो जाते हैं जिससे वायरस फैलने का खतरा बढ़ता है।

तो ऐसे में अगर आपको भी सिगरेट पीते है तो अपनी इस आदत को जल्द से जल्द छोड़ दें। यह आपको ही नहीं आपके घर-परिवार , रिश्तेदारों और आसपास के लोगों को भी प्रभावित करता है। ऐसे में वे बीमारियों की चपेट में आ सकते  है।