भास्कर के मुताबिक जमाती मतलब कोरोना का चलता फिरता कैरियर। भैया भोपाल में अगर 200 और जमाती मिले हैं तो क्या सभी पोसिटिव हैं क्या। और मरकरज के दो हजार से ऊपर मिले जमातियों में से जिन्हें दिल्ली में कवारेंटीन किया है, कित्ते पोसिटिव है..? अभी तक तो कोई नहीं। बाकी इंदौर में हेल्थ टीम पे हमले वाली खबर भरपूर आई। कुछ लोग इस महामारी को भी एक दूसरे का मुखालिफ बना रहे हैं। मरीजों की जांच करते हुए संक्रमित हुई इंदौर की डॉक्टर की खिदमत को सलाम। खबर ठीक सेट हुई। इंदौर में सामुदायिक संक्रमण के खतरे वाली खबर चिंता जगाती है। मरकज के संक्रमित 350 वाली खबर में शब्दजाल है। ये तो साफ करो कि  कितने जमातियों को वहां रहते हुए ये बीमारी हुई , या फिर उन्हें किसी और के संपर्क में आने से पोसिटिव निकला। अब सेंधवा के बीजासन घाट पे खाने के लिए लगी भीड़ में कहाँ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो रहा है।