सड़क पे चलते हुए आंखें बंद रखता हूं, तिरे जमाल का ऐसा मजा पड़ा है मुझे। भोपाल शहर में अब सड़कें नजर नहीं आतीं। खराब क्वालिटी और लगातार बारिश से सड़कें गड्ढों में तबदील हो गर्इं। अखबार ने इलाकावार सड़कों की हालत भोत ही जानदार तरीके से पेश करी हेगी। बाकी अखबार लिखता है कि उसकी खबर का असर हुआ और मप्र की खस्ताहाल सड़कों के लिए सरकार ने 43 करोड़ मंजूर करे। मियां इत्ती रकम तो भोपाल की सड़कों में ही घुस जाएगी। रेपो रेट घटने वाली खबर बड़े तबके के काम की है। बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान भारत ने गल्ती से अपने ही एमआई हेलिकाप्टर को मार गिराया था। योगेश पाण्डे बता रहे हैं कि खराब मआली हालत के बावजूद सरकार ने छिंदवाड़ा अस्पताल के लिए 1455 करोड़ मंजूर किए। निजी संस्थानों के सीसीटीवी अब पुलिस की निगाह बनेंगे।