तुम्हारे शहर का मौसम बड़ा सुहाना लगे, मैं एक शाम चुरालूं अगर बुरा न लगे। सर्दी अपना गुनगुना अहसास करा रही है। बड़े तालाब का भेतरीन आठ कॉलम फोटू के साथ खबर उम्दा खुली। नया विधायक विश्रामगृह नहीं बनना चाहिए। अनिल गुप्ता और हरेकृष्ण दुबोलिया बता रहे हैं कि वर्तमान विश्रामगृहों को ही अपग्रेड किया जाना चाहिए। सीवेज लाइनों के साथ पीने के पानी की लाइन बिछी है। शहर के लोग सीवेज का पानी पी रहे हैं। एक कंपनी हेड के  साथ हुई लूट की कहानी भरपूर आई। सड़कें व्हाइट टॉपिंग से बनेंगी तो लंबी चलेंगी। राहुल शर्मा की मुकम्मल खबर। भोपाल भी खां नाम का अस्पताल है। यहां किसी भी सरकारी अस्पताल में कैंसर रोगियों के लिए रेडियोथेरेपी का इंतजाम नहीं है। यहीं कैंसर जागरुकता के लिए निकली महिला बाइक यात्री वाली खबर अनुराग शर्मा ने ठीक निकाली। युवा रोजगार अवसर वाला पेज उम्दा चल्लिया है। सिटी भास्कर की छटा ही निराली है।