हम को ये आरजू  वो उठाएं नक़ाब खुद, उनको ये इंतिजार कि तकाजा करे कोई...की तर्ज पर मैग्नीफिसेंट एमपी में सीएम ने तकाजा कर ही दिया कि प्रोजेक्ट लाओ, शुरू करो, तीन साल मंजूरी नहीं देखेंगे। अब उद्योगपतियों को अपने प्रोजेक्ट से नकाब उठाना होगा। खबरों की  प्रस्तुतिकरण में वाकई भास्कर ने लल्लनटॉप काम किया है। टॉप फाइव उद्योगपतियों और कंपनियों के विश्लेषण में उसने यह कयास लगाया है कि क्या-क्या हो सकता है। शाजापुर में बच्चों से भरी वेन कुएं में गिरने की खबर ने मन उचाट कर दिया। उस पर तुर्रा यह कि बच्चों को बचाने की बजाय भाग गया स्कूल संचालक। डेंगू बेकाबू...10 माह में 102 मरीज  के बाद मॉनीटरिंग की खबर यह बताती है कि अब प्रशासन की नींद खुली है। त्योहारी सीजन में अतिक्रमण के खिलाफ न्यू मार्केट बंद ...अजीब लगता है। क्या यह अतिक्रमण आज कल में हुआ है। पहले क्या सो रहे थे जनाब। कलियासोत नदी के किनारे लगे पेड़ों को स्मार्ट सिटी एरिया में शिफ्ट किया जाएगा तो स्मार्ट सिटी एरिया में कटने वाले पेड़ों का क्या होगा। वहां पर भी तो इसकी तैयारी चल रही है।