नई दिल्ली : कर्नाटक के अयोग्य ठहराए गए विधायकों ने राज्य में 15 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव को स्थगित करने के लिए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने उपचुनाव तब तक स्थगित करने की मांग की है, जब तक कि शीर्ष अदालत उनकी अयोग्यता पर फैसला नहीं सुना देता. सुप्रीम कोर्ट ने तत्कालीन कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष द्वारा अयोग्य ठहराए गए विधायकों की याचिका पर अपना आदेश 25 अक्टूबर को सुरक्षित कर लिया था.

अयोग्य ठहराए गए विधायकों के वकील व वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सोमवार से उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जबकि उनके मुवक्किलों पर फैसला आना अभी भी बाकी है.

वहीं न्यायमूर्ति एन. वी. रमना की अध्यक्षता वाली पीठ ने कर्नाटक के पूर्व कांग्रेस-जेडी(एस) गठबंधन वाली सरकार के अयोग्य विधायकों को अपनी याचिका उपयुक्त फॉर्मेट में लिख कर दाखिल करने को कहा है. चुनाव आयोग ने कर्नाटक में उपचुनाव के लिए पांच दिसंबर की तारीख तय की है.