नई दिल्लीः कई बार बैंक गारंटी को लेकर लोग असमंजस में पड़ जाते हैं कि इसका क्या अर्थ होता है? यहां हम आपको आसान भाषा में बताने जा रहे हैं कि बैंक गारंटी क्या होती है और इसके क्या-क्या फायदे होते हैं? इसके अलावा इससे जुड़े कई और नियमों के बारे में भी आप जान पाएंगे.

बैंक गारंटी का अर्थ
कोई बैंक जब वादा करता है कि वो किसी कॉन्ट्रेक्ट के दायित्वों के पूरा नहीं होने पर देनदार की देनदारियों को पूरा करेगा तो इसे बैंक गारंटी कहा जाता है.

परफॉर्मेंस गारंटी क्या होती है?
कॉन्ट्रेक्ट की टर्म्स के मुताबिक खरीदार की ओर से सेवा या वस्तु नहीं दिए जाने पर परफॉर्मेंस गारंटी की जरूरत पड़ती है जिसमें बैंक की भी भूमिका होती है.

फाइनेंशियल गारंटी को जानें
कई बार एक फाइनेंशियल कंपनी दूसरी वित्तीय कंपनी की फाइनेंशियल गारंटी ले लेती है. इसके तहत अगर पहली कंपनी अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को पूरा करने में असफल रहती है तो जिस दूसरी कंपनी ने उसकी फाइनेंशियल गारंटी ली है वो उसको पूरा करने के लिए उत्तरदायी होती है.

क्या बैंक गारंटी के लिए देनी होती है फीस?
बैंक गारंटी ऐसे ही नहीं दे देते हैं और इसके बदले में उन्हें कोई ऐसी वस्तु चाहिए होती है जिसकी वैल्यू बैंक की गारंटी के समान हो. इसे ही बैंक गारंटी फीस कहा जाता है जिसके बदले में बैंक सेफ्टी के तौर पर किसी वस्तु, प्रॉपर्टी आदि को गिरवी रख लेते हैं.