नई दिल्ली : सरकार GeM यानी (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) के दरवाजे आम जनता के लिए खोलने जा रही है. इसके जरिये सरकार एक तीर से दो निशाने लगाना चाहती है. पहला यह कि बतौर ई-कॉमर्स पोर्टल ऑनलाइन शॉपिंग में मजबूती से पैर जमाना चाहती है और दूसरा ऑनलाइन शॉपिंग पर नकली समान बेचने जैसी तमाम दिक्कतों को दूर करना चाहती है.

GeM गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस दरअसल ऑनलाइन मार्केट प्लेस है जहां अधिकृत सेलर्स रजिस्टर कर सकते हैं. फिलहाल ये GeM केवल सरकार के लिए ही है. यानी सिर्फ केंद्र या राज्य सरकार गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस से ऑनलाइन शॉपिंग सरकारी ज़रूरतों के लिए कर सकती है. लेकिन आने वाले वक्त में योजना है कि GeM को पहले थोक खरीददार के लिए और फिर जनता के लिए भी ऑनलाइन शॉपिंग के लिए खोला जाए.

GeM की ताकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि फिलहाल GeM पर कुल ऑर्डर वैल्यू 36,000 करोड़ रुपए से ज़्यादा है. यही नहीं, GeM पर करीब 40,000 खरीददार आर्गेनाइजेशन यानी ख़रीददार और 2 लाख 95 हज़ार से ज़्यादा विक्रेता आर्गेनाईजेशन रजिस्टर्ड हैं. वहीं, विक्रेता को पेमेंट आसान बनाने के लिए GeM का अब तक 7 सरकारी बैंक के साथ करार हो चुका है जबकि जल्द ही 6 और बैंक के साथ करार होने वाला है.

जरूरी बातें:-

  • GeM पर कुल ऑर्डर वैल्यू 36,952
  • GeM के जरिए 26,36,046 ऑर्डर हो चुके हैं.
  • GeM पर 39,968 कुल खरीददारों का रजिस्ट्रेशन है.
  • 2 लाख 95 से ज्यादा विक्रेताओं का भी रजिस्ट्रेशन हैं.
  • 14 लाख से ज्यादा प्रोडक्ट्स GeM पर मौजूद हैं.
  • 220 सार्वजनिक उपक्रम की कंपनियां पहले से ही GeM के साथ रजिस्टर्ड हैं