नई दिल्ली: ED ने 12 साल पुराने पोंजी स्कीम मामले में चार्जशीट दाखिल की है.  ये चार्जशीट M/s GoldSukh Corporation Ltd, Gold Sukh Trade India Ltd और डायरेक्टर महेंद्र कुमार निरवाण, मानवेंद्र प्रताप सिंह चौहान और प्रमोद उर्फ बबलू शर्मा समेत 12 आरोपियों के खिलाफ जयपुर की स्पेशल PMLA कोर्ट में दाखिल की गई है.

ये मामला जयपुर से जुड़ा हुआ है, जब जयपुर पुलिस ने Gold Sukh और डायरेक्टर, टीम लीडर और शेयर होल्डर के खिलाफ 9 मामले दर्ज किए थे. आरोप है कि कंपनी और इसके डायरेक्टर ने साल 2008-11 तक एक पोंजी स्कीम निकाली और लोगों को उसमें बढ़िया मुनाफा का लालच दिखा कर निवेश करने के लिए कहा. जांच के मुताबिक, कंपनी ने 27 शहरों के 1,18000 लोगों से करीब 250 करोड़ रुपए  निवेश करवाए.

सभी निवशकों के आरोपियों ने 150 प्रतिशत फायदा देने का वायदा किया था. लेकिन जैसे ही निवेशकों के पैसे आये उसके बाद कंपनी के डायरेक्टर महेंद्र निरवाण, मानवेंद्र प्रताप सिंह चौहान, प्रमोद उर्फ बबलू शर्मा और परिवार के लोग, सरोज कंवर, नीतू निरवाण, थान सिंह चौहान, प्रकाश लता चौहान, जगदीश शर्मा, रामेश्वर शर्मा और नौरातमल शर्मा फरार हो गए. इनमें से महेंद्र निरवाण, नीतू निरवाण, मानवेंद्र चौहान, बबलू शर्मा और आशा शर्मा विदेश फरार हो गए थे. बाद में मार्च 2012 में जयपुर पुलिस इन आरोपियों को वियतनाम से भारत ले कर आई थी.

ED ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर अपनी जांच शुरू की थी और आरोपियों की 3.6 करोड़ की संपत्ति अटैच की थी जिसे Adjudicating Authority ने कन्फर्म भी कर दिया था. अब इन 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट करने के साथ ही आरोपियों की अटैच की गई संपत्ति को जब्त करने की अर्जी ED ने कोर्ट में लगाई है.