मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. फडणवीस ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर उन्हें अपने इस्तीफे का पत्र सौंपा. बता दें कि महाराष्ट्र की वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल नौ नवंबर को समाप्त हो रहा है. इस्तीफा देने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उन्होंने पांच साल तक महाराष्ट्र की सेवा की. उन्होंने कहा, “मैंने 5 साल तक पारदर्शिता की सरकार चलाने की कोशिश की.” साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनी.

Devendra Fadnavis: I have tendered my resignation to the Governor and he has accepted it https://t.co/js247DintG pic.twitter.com/eV0C38Z1Nf

— ANI (@ANI) November 8, 2019

फड़णवीस ने यहां कहा, ‘‘राज्यपाल ने मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लिया है. मैं महाराष्ट्र के लोगों का पांच सालों तक सेवा का मौका देने के लिए धन्यवाद करता हूं.’’ शिवसेना के दावों को खारिज करते हुए फड़णवीस ने जोर देकर कहा कि ‘‘मेरी मौजूदगी में’’ दोनों दलों द्वारा मुख्यमंत्री पद की साझेदारी को लेकर कोई समझौता नहीं किया गया है. शिवसेना ने दावा किया था कि लोकसभा चुनावों से पहले दोनों गठबंधन सहयोगियों ने अगले कार्यकाल में ढाई-ढाई साल के लिये मुख्यमंत्री पद की साझेदारी का फैसला किया था. फड़णवीस ने दावा किया कि उन्होंने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से गतिरोध तोड़ने के लिये फोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन, ‘‘उद्धव जी ने मेरा फोन नहीं उठाया.’’

Devendra Fadnavis: Unfortunately,day when results came,Uddhav ji said all options open for Govt formation.That was shocking for us as people had given mandate for alliance and in such circumstances it was a big question for us that why he said all options are open for him pic.twitter.com/leOA9s4d5m

— ANI (@ANI) November 8, 2019

आइए जान लेते हैं कि इस्तीफे के बाद देवेंद्र फडणवीस ने क्या कहा।

Devendra Fadnavis: I again want to make it clear that it was never decided that for 2.5 years each the CM post will be shared. There was never a decision on this issue. Even Amit Shah ji and Nitin Gadkari ji said this was never decided pic.twitter.com/h0tIPdgvZq

— ANI (@ANI) November 8, 2019

Devendra Fadnavis: Balasaheb Thackeray is respected by all of us, infact we even never said anything against Uddhav ji Thackeray,but in past 5 years and especially last 10 days the kind of statements which were made against our top leadership including Modi ji, were not tolerable pic.twitter.com/llgFqv0yp3

— ANI (@ANI) November 8, 2019

Devendra Fadnavis: Shiv Sena is 100% responsible for talks failing , they did not take my calls. They stopped the discussion. Alliance is not broken yet,neither they announced nor us. Our parties are still together in Centre. pic.twitter.com/sCjTwewWPY

— ANI (@ANI) November 8, 2019
  • पिछले 5 साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, एयरपोर्ट, मेट्रो आदि पर काफी काम किया
  • लोगों ने हमारे काम की वजह से हम पर भरोसा किया और दोबारा सेवा करने का मौका दिया। इस बार हमारी सीटें थोड़ी कम रह गईं।
  • शिवसेना और बीजेपी के बीच सीएम पद को लेकर 50-50 पर मेरे सामने कभी कोई निर्णय नही हुआ।
  • मैंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, नितिन गडकरी से भी इस बारे में पूछा, लेकिन उन्होंने भी सीएम के लिए 50-50 फॉर्म्युले पर किसी भी तरह के फैसले से इनकार किया।
  • दुर्भाग्य से, जिस दिन परिणाम आए, उद्धव जी ने कहा कि सरकार गठन के लिए सभी विकल्प खुले हैं, जो कि हमारे लिए चौकाने वाला था क्योंकि लोगों ने गठबंधन के लिए जनादेश दिया था।
  • ऐसी परिस्थितियों में यह हमारे लिए एक बड़ा सवाल था कि उन्होंने ऐसा क्यों कहा कि उनके लिए सभी विकल्प खुले हैं।
  • मैं फिर से यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि यह 5-50 का दावा कभी भी तय नहीं किया गया था। इस मुद्दे पर कभी भी फैसला नहीं हुआ।
  •  हमारे नेता पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणियों से हम आहत हैं।
  • उद्धव जी ने मेरा फोन नहीं उठाया, हमने बातचीत बंद नहीं की। उन्होंने हमसे बात करने बंद कर दिया।
  • ये संभव है कि वो परेशान थे और हमारे साथ चीजों पर चर्चा करने के लिए कुछ समय चाहते थे। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ही समय में सेना कांग्रेस से बात कर रहे थे, अक्सर दिन में दो या तीन बार ।
  • उद्धव जी ठाकरे के साथ मेरे बहुत करीबी संबंध हैं और यह जारी रहेगा, मैंने उन्हें कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।