कोरोना की वजह से देशभर में 21 दिन के लॉकडाउन की पीएम मोदी की घोषणा के बाद ई—कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट  ने अपनी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं.

गौरतलब है कि कोरोना के बढ़ते केस को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया है. यह लॉकडाउन आज से लागू हो गया है और 14 अप्रैल तक चलेगा. दफ्तर, बाजार, सार्वजनिक परिवहन सबकुछ बंद है. प्रधानमंत्री ने साफ-साफ कहा है कि इन 21 दिनों तक इस देश में कोई भी अपने घर से बाहर कदम नहीं रखेगा. केवल जीवनरक्षक सेवाएं ही इस दौरान जारी रहेंगी.

मंगलवार को एमेजॉन इंडिया ने भी यह कहा था कि वह गैर जरूरी उत्पादों के ऑर्डर अब नहीं लेगा और ग्राहकों को जरूरी सामान की आपूर्ति पर फोकस करेगा.

क्या कहा फ्लिपकार्ट ने
फ्लिपकार्ट ने अपनी वेबसाइट पर लिखे एक संदेश में कहा है, 'हैलो, भारतीय साथियो, हम अपना कामकाज अस्थायी रूप से रोक रहे हैं. आपकी जरूरत हमेशा से ही हमारी प्राथमिकता रही है और हमारा यह वायदा है कि जितनी जल्दी संभव होगा, हम आपकी सेवा के लिए वापस आएंगे.'

फ्लिपकार्ट ने कहा, 'अभी जो कठिन हालात हैं ऐसा कभी नहीं ​देखा गया. इसके पहले कभी ऐसा नहीं हुआ कि सुरक्षित रहने के लिए लोगों को अलग—अलग रहना पड़ा हो. इसके पहले ऐसा कभी नहीं हुआ कि देश की मदद के लिए घर में बैठना पड़ा हो. हम आपसे यह आग्रह करते हैं कि घर में रहें और सुरक्षित रहें, हम फिर आपकी सेवा में होंगे.'

क्या आ रही थी मुश्किल
गौरतलब है कि देशभर में लॉकडाउन की वजह से एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, बिगबास्केट और ग्रॉफर्स जैसी ई—कॉमर्स कंपनियों को अपना कामकाज चलाने में मुश्किल आ रही है. इन कंपनियों का कहना है कि वे सिर्फ जरूरी सेवाओं की आपूर्ति कर रही हैं, लेकिन इनके डिलिवरी पर्सन्स को पुलिस के लोग रोक रहे हैं. इसकी वजह से इनका कारोबार ठप पड़ गया है.

फ्लिपकार्ट, एमेजॉन जैसी कंपनियां असल में इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य तमाम सामान के साथ ग्रॉसरी जैसी जरूरी सेवाओं की आपूर्ति भी करती है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान पुलिस कई जगह इनके डिलिवरी पर्सन को रोकती रही और कई जगह उनको अरेस्ट भी किया गया.

अब तो पूरे देश में लॉकडाउन की वजह से इन कंपनियों के सामने और मुश्किल आने वाली थी, इसलिए उनके लिए कारोबार को अस्थायी रूप से रोकने के अलावा और कोई चारा नहीं था.