जवाब जुटाने विभागों के अफसरों को आ रहा पसीना
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए तबादलों की मांगी जानकारी
विधानसभा सचिवालय ने अग्राह्य नहीं किया सवाल तो जुटानी पड़ रही जानकारी

भोपाल : पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा के एक सवाल से सभी विभागों के अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। शर्मा ने सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार द्वारा किए गए थोकबंद तबादलों को लेकर सरकार को घेरते हुए एक सवाल पूछा है जिसमें उन्होंने सांसद, विधायक और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सिफारिश पर हुए आईएएस, एसएएस और अन्य अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादलों और उस पर हुए खर्च की जानकारी मांगी है।

शर्मा का सवाल काफी वृहद स्तर का है और सरकारी महकमों को इसकी जानकारी जुटाने में काफी परेशानी आ रही है। कई विभागों ने सामान्य प्रशासन विभाग के जरिए विधानसभा सचिवालय से इस सवाल को अग्राहय करने का अनुरोध किया था लेकिन सचिवालय ने इस सवाल को अग्राह्य करने से इंकार करते हुए इसकी पूरी जानकारी मांगी है। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को पत्र लिखकर सारी जानकारी देने को कहा है। शीतकालीन सत्र शुरु होने से पहले ही यह जानकारी विधानसभा सचिवालय ने सरकार से मांगी है। गौरतलब है कि विधानसभा का शीत सत्र 17 दिसंबर से आयोजित होना है।

सवाल में यह जानकारी मांगी
पंद्रह दिसंबर 2018 से जून 2019 के बीच प्रदेश में कितने तबादले किए गए। इनमें कितने भारतीय प्रशासनिक सेवा, कितने राज्य प्रशासनिक सेवा और कितने तबादले इन दोनो से अलग अधिकारियों-कर्मचारियों के थे। उन्होंने यह भी पूछा है कि इनमें से कितने तबादले तबादला बोर्ड की अनुशंसा पर किए गए है।  शर्मा ने यह भी पूछा है कि सांसदों, विधायकों और राजनीति दल के प्रतिनिधियों की अनुशंसा पर जिन अधिकारियों, कर्मचारियों के तबादले किए गए है उनके नाम सहित जानकारी दी जाए।  उन्होंने श्रेणीवार प्रत्येक कर्मचारी के तबादले पर उरन्हें दी जाने वाली राशि की जानकारी भी मांगी है।

अग्राह्य नहीं हुआ तो विभाग जुटा रहे जानकारी
इस तारांकित सवाल के अग्राह्य नहीं होने के बाद अब जीएडी ने सभी विभागों को इसकी जानकारी शीतकालीन सत्र के पहले देने को कहा है ताकि सत्र की शुरुआत में ही इसकी पूरी जानकारी पूर्व विधानसभा अध्यक्ष को उपलब्ध कराई जा सके। कायदे से जिस सवाल को ग्राह्य करते हुए उसके उत्तर में सरकार ने जानकारी एकत्र की जा रही है जैसे जवाब दिए हो उसकी जानकारी अगले सत्र के पहले देना होता है। इसके चलते सभी विभागों को इस विस्तृत सवाल की जानकारी जुटाने में पसीना आ रहा है। क्योंकि सभी विभागों में हजारों की संख्या में तबादले हुए है।