बजाए निर्भया के दोषियों की फांसी की नई तारीख वाली खबर के अखबार ने भोपाल में चल रही आईएएस मीट वाली सरकारी टाइप की खबर को लपक अंदाज में लीडरी सौंपी। आदिवासी छात्रावास का चोकीदार ही सात साल के बच्चे का कातिल निकला। इसके अलावा पुराने शहर में दड़ेदम बिक रहे एसिड बेचने के ठियों पे कार्रवाई वाली खबर भरपूर रही। बोर्ड के इम्तहानों की कापियां गलत जांचने वाले शिक्षक और प्राचार्य अब कभी कापी नहीं जांच पाएंगे। खबर ध्यान खींचती है। भोपाल सहित दूसरे शहरों में कोल्ड डे वाली खबर भी यहां नुमायां हो रही है।