येबात तो सई हेगी मोदीजी की, जान है तो जहान है। बाकी इक्कीस दिन के लॉकडाउन का मतलब है दिन ब दिन हालत डाउन होती चले जाना। आने वाले दिन देश और दुनिया के लिए कित्ते कठिन होने वाले हैं इसका कयास लगाने भर से ही फुरेरी आती है। इस सब के बीच अपने यहां शिवराज ने विश्वास मत हासिल कर लिया और इकबादल सिंह बेस को सीएस भी बना दिया। कमलनाथ द्वारा की गर्इं सियासी नियुक्तियां भी केंसिल कर दीं। अखबार लिखता है कि वर्क फ्रॉम होम से लेपटाप की बिक्री तीस फीसदी बढ़ गई है।